'डायन बताकर दो आदिवासी औरतों की हत्या'

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झारखंड में दो औरतों को डायन बताकर, उनकी कथित हत्या कर देने का मामला सामने आया है.

नक्सल प्रभावित और आदिवासी बहुल सिमडेगा जिले के सरईपानी गांव में मामला सामने आने के बाद, 56 घंटे की खोजबीन हुई और फिर दोनों के शव बरामद किए गए.

शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए हैं. मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारी विद्यापति सिंह कहते हैं, ''गांव में एक लड़की बीमार थी, उसकी मौत हो गई. इसके बाद गांव वालों ने दो महिलाओं को 'डायन' करार दिया. फिर उनकी हत्या कर दी गई.''

पुलिस के मुताबिक रतनी देवी के पति ने जब उन्हें बचाने की कोशिश की तो उन पर भी हमला किया गया.

दोनों के शवों को गांव से पांच किलोमीटर दूर एक पहाड़ की तराई में फेंका गया था. पुलिस के मुताबिक मारी गई विमला देवी और रतनी देवी आदिवासी समुदाय की थीं.

पुलिस ने पांच लोगों के ख़िलाफ एफआईआर लिखी है. शवों को गांव से दूर फेंकने पर जांच अधिकारी कहते हैं, ''इसमें भी अंधविश्वास कायम है. गांव वालों को शक था कि लाश नहीं मिलने से हमेशा के लिए 'डायन' का ख़ात्मा हो जाएगा.''

इससे पहले भी हुई हत्याएँ

पुलिस के मुताबिक इससे पहले नौ मई को आदिवासी बहुल गुमला जिले के कोड़केरा गांव में भीड़ ने 'डायन-बिसाही' के आरोप में 75 वर्ष के बुज़ुर्ग पति-पत्नी की कथित तौर पर हत्या कर दी थी.

दो मई को भी ऐसा ही आरोप लगाकर एक और वृद्ध पति-पत्नी की हत्या कर दी गई थी.

डायन प्रथा के खिलाफ मुहिम चलाने वाली संस्था आशा की अध्यक्ष पूनम टोप्पो कहती हैं कि आदिवासी महिलाएं संकट में हैं.

हाल के दिनों में ऐसी घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं. वो कहती हैं, ''इस प्रथा को ख़त्म करने के सरकारी स्तर पर प्रयास नाकाफी रहे हैं.''

राज्य की महिला कल्याण मंत्री लुइस मरांडी ने कहा कि वो जल्द ही अफसरों के साथ स्थिति की समीक्षा करेंगी.

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