गूजर आंदोलन फिर भड़का, रेल मार्ग किया जाम

  • 21 मई 2015
गूजर नेता

राजस्थान में आरक्षण की मांग कर रहे गूजर नेताओं ने दिल्ली-मुंबई मुख्य रेल मार्ग पर पीमुपूरा के पास रेल पटरी जाम कर दी है.

गूजर सरकारी नौकरियों में आरक्षण की मांग रहे है.

दिल्ली-मुंबई मुख्य रेल मार्ग बाधित होने के कारण इस रूट से गुजरने वाली करीब एक दर्जन रेलगाड़ियों को अपना रास्ता बदलना पड़ रहा है.

जाम का असर इस लिहाज से गंभीर होने वाला है कि दिल्ली-मुंबई मुख्य रेल मार्ग देश का मुख्य रेलमार्ग है और यहां से हर रोज 60 गाड़ियां गुजरती है.

आंदोलन को देखते हुए पूर्वी राजस्थान के करोली, सवाईमाधोपुर, भरतपुर, दोसा और धौलपुर जिलों में सुरक्षा प्रबंध कड़े कर दिए गए हैं.

इस बीच सरकार ने वार्ता के लिए बुलाया था लेकिन गूजर आंदोलनकारियों का कहना है कि सरकार पहले उनकी मांगें माने.

सरकारी नौकरी में आरक्षण

Image caption (फाइल फोटो)

गूजर आंदोलनकारियों के महत्वपूर्ण नेता कर्नल किरोदी सिंह बैसला ने कहा है, "जब तक कोई ठोस प्रस्ताव नहीं होता हम रेल ट्रैक से नहीं हटेंगे."

दरअसल गूजर साल 2006 से ही सरकारी नौकरियों में अपनी बिरादरी के लिए आरक्षण की मांग उठाते हुए आंदोलन कर रहे हैं.

इस आंदोलन में अब तक 72 लोगों की जानें जा चुकी हैं.

Image caption (फाइल फोटो)

इस महीने पिछले एक पखवाड़े से गूजरों की न्याय यात्रा चल रही थी. इसके बाद गुरुवार को समोहर में महापंचायत की गई.

समोहर के महापंचायत में गूजर नेताओं ने सरकार को मांगें पूरी करने के लिए 1 घंटे का अल्टीमेटम भी दिया गया.

सरकार की ओर से कोई जवाब नहीं मिलने पर गूजर आंदोलनकारियों ने रेल पटरी जाम करने का फैसला किया.

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