बातचीत विफल, सरकार से निराश गूजर नेता

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राजस्थान में आंदोलनकारी गूजर नेताओं और सरकार के बीच बातचीत विफल हो गई है.

गूजर नेताओं ने कहा है कि वे सरकारी रवैए से निराश हुए हैं और आंदोलन जारी रखा जाएगा.

गूजर नेता कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला ने कहा कि सरकार के पास उनकी मांगों को लेकर कोई ठोस प्रस्ताव नहीं था.

गूजर अपने समुदाय के लिए सरकारी नौकरियों में आरक्षण की मांग कर रहे हैं.

बातचीत विफल

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Image caption सरकारी प्रतिनिधियों से बातचीत से पहले गूजर नेताओं ने हवन किया

गूजर आंदोलन के तीसरे दिन दोनों पक्ष भरतपुर ज़िले के बयाना क़स्बे में एक सरकारी इमारत में बातचीत की मेज पर आए और एक दूसरे को सुना.

सरकार ने अपने तीन मंत्रियों-चिकित्सा मंत्री राजेंद्र राठौर, सामाजिक अधिकारिता मंत्री अरुण चतुर्वेदी और खाद्य मंत्री हेम सिंह भडाना को गूजर नेताओं से बातचीत के लिए बयाना भेजा था.

बातचीत खत्म होने के बाद बैंसला ने कहा कि सरकार के पास ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं था जो उनकी बिरादरी के हितों को पूरा करता हो.

उन्होंने कहा कि सरकार के इस रुख से गूजर बहुत निराश हुए हैं.

पटरियों पर वापसी

बैंसला ने कहा, ''हमने गूजर समुदाय को आरक्षण की पचास फ़ीसदी की अधिकतम सीमा के भीतर आरक्षण देने की मांग की थी, लेकिन उनके पास ऐसा कोई उपाय नहीं था जो गुजरो को वांछित आरक्षण दे सकें."

गूजर नेताओं ने कहा कि आंदोलन जारी रहेगा और वे वापस रेल पटरियों पर लौट रहे हैं.

गुजरो ने आरक्षण की मांग को लेकर गुरुवार की शाम दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग को बाधित कर दिया था और भरतपुर के पीलूपुरा में रेल पटरियों पर जाम लगा दिया था.

सरकार ने इन नेताओं से अमन बनाए रखने और वार्ता जारी रखने की अपील की है.

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