उफ़ ! ये बनारस...

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने 'स्वच्छता अभियान' के लिए सुर्खियों में रहे हैं.

Image caption शिवाला के पास बने इस मंदिर को कूड़े ने घेर रखा है और प्रांगण में बच्चे क्रिकेट खेल रहे हैं. (सभी तस्वीरें असद खा़न)

लेकिन उनके चुनाव क्षेत्र बनारस में सफ़ाई को लेकर कोई विशेष पहल होती नहीं दिखती है.

मोदी ने एक बार अपने चुनाव क्षेत्र बनारस के अस्सी घाट में 'स्वच्छ भारत अभियान' का मुआयना भी किया था.

देखिए उस बनारस की 10 तस्वीरें जहां गंदगी का ढेर कम होता नज़र नहीं आता. (सभी तस्वीरें असद खा़न)

Image caption रेलवे स्टेशन की तरफ़ जाने पर जो फ्लाईओवर पड़ता है उसके नीचे की गंदगी पर शायद किसी की नज़र नहीं पड़ी है.
Image caption बलुआ में वाराणसी नगर निगम का बड़ा सा कूड़ेदान खाली पड़ा है और बगल में कूड़े का ढेर बढ़ता जा रहा है.
Image caption एक जादूगर के शो की जानकारी और नई फ़िल्मों के रिलीज़ के पोस्टरों के बीचो-बीच सिगरा इलाके का ये नज़ारा.
Image caption रवींद्रपुरी एक्सटेंशन में इस कूड़े से भरे मैदान से ज़्यादा दूर नहीं है नरेंद्र मोदी का संसदीय कार्यालय या 'मिनी पीएमओ'.
Image caption भेलूपुर के थोड़ा भीतर जाने पर मिलते हैं ये घर जिनके सामने दूर-दूर तक कचरा ही दिखता है.
Image caption बनारस शहर के रथयात्रा चौराहे के पास ही में जानवरों के दिन भर कूड़ा खाने के बाद भी कचरा ख़त्म नहीं होता.
Image caption चारों तरफ़ घर होने के बाद बीच में कूड़ा डालते जाना आम बात लगती है. ये तस्वीर पांडे हवेली के पिछवाड़े की है.
Image caption बनारस में गंगा नदी पर कुल 84 घाट हैं और ज़्यादातर में गंदगी फैली रहती है. ये नज़ारा बबुआ पांडे घाट के पास का है.
Image caption शहर के मुहाने स्थित भारत हेवी इलेक्ट्रिकल लिमिटेड की फैक्ट्री के बाहर का नज़ारा भी सुहाना बिल्कुल नहीं है.

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