कश्मीर के सोपोर में बंद पड़े मोबाइल

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उत्तरी कश्मीर के सोपोर में टेलीकॉम बिज़नेस से जुड़े लोगों पर हो रहे हमलों के बाद वहां इस व्यवसाय से जुड़े लोगों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं.

एक तरफ टेलीकॉम कंपनियों को भारी नुक़सान उठाना पड़ रहा है तो वहीं दूसरी तरफ उनकी जान को भी ख़तरा बना हुआ है.

इसी सप्ताह हुए हमलों में दो लोगों की मौत हो गई और तीन घायल हुए हैं.

ख़बरों के अनुसार पिछले माह कुछ अज्ञात बंदूकधारी एक कंपनी के स्टोर में घुस आए थे और उन्हें व्यवसाय बंद करने की धमकी देने लगे.

बंदूकधारियों का कहना था कि कंपनी के कर्मचारियों ने मोबाइल टॉवर से कुछ ऐसे यंत्र निकाल दिए हैं जिसे वो लोग आपस में बात करने के लिए इस्तेमाल करते थे.

चरमपंथी संगठन लश्कर-ए-इस्लाम ने इसी तरह के धमकी भरे पोस्टर पूरे सोपोर में लगाए थे.

एक सप्ताह में हुए हमले

पिछले सप्ताह सोपोर स्थित बीएसएनएल के आउटलेट पर भी चरमपंथियों ने हमला किया था जिसमें एक कर्मचारी की मौत हो गई थी और दो घायल हुए थे.

वहीं इसके अगले ही दिन टेलीकॉम व्यवसाय से जुड़े एक और व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.

सभी आउटलेट हुए बंद

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धमकियों के बाद सभी कंपनियों ने अपने आउटलेट बंद कर लिए थे, यहां तक कि मोबाइल रिचार्ज करने की दुकानें तक बंद हो गई थीं.

एयरसेल ने ज़िले में अपनी सेवाएं देना पूरी तरह से बंद कर दिया है. हालांकि कंपनी का कहना है कि पुलिस और सेना ने उनसे सेवाएं बहाल करने के लिए अपील की है.

कोई परेशान तो किसी ने की आलोचना

स्थानीय निवासी अर्शिद अहमद कहते हैं, ''चार सप्ताह से ज़्यादा हो चुके हैं, लेकिन हम अभी तक अपने मोबाइल रीचार्ज नहीं करा सके हैं.''

वहीं युनाइटेड जेहाद काउंसिल के प्रमुख सैय्यद सलाहुद्दीन ने हमलों की आलोचना करते हुए इसके लिए 'भारतीय एजेंसियों' को ज़िम्मेदार ठहराया.

दूसरी तरफ हुर्रियत के चेयरमैन सैय्यद अली शाह गिलानी ने इसे चरमपंथी हमला क़रार दिया और इसकी आलोचना की.

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