नहाने पर पाबंदी

कथरकलाँ गाँव, झारखंड इमेज कॉपीरइट Srikant Chaube

झारखंड के गढ़वा ज़िले में आजकल अधिकतम तापमान क़रीब 45 डिग्री सेल्सियस है. पूरे ज़िले में भीषण गर्मी पड़ रही है.

यहां के सगमा प्रखंड की पंचायत कटहर कलां का एक गांव है पश्चिम टोला. इस टोले में पानी का गंभीर संकट है.

उरांव आदिवासियों के इस गांव मे 80 घर हैं. आबादी-300 से ज्यादा. पानी के लिए पूरे गांव की निर्भरता सिर्फ दो चापानलों पर है.

कुछ और चापानल थे, जो खराब पड़े हैं. कभी 19 कुएं थे. अभी सब सूखे पड़े हैं.

पानी के लिए होते थे झगड़े

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ग्रामीण भगरु उरांव ने बताया कि चापानल से पानी भरने को लेकर झगड़े होने लगे थे. कोई नहाने जाता, तो दूसरे मारपीट पर उतारु हो जाते. क्योंकि, एक के नहाने के कारण बाकी लोगों को पानी के लिए कड़ी धूप मे लाइन लगानी पड़ती.

रोज-रोज हो रहे झगड़े को पहले तो ग्रामीणों ने नजरअंदाज किया. बात बढ़ने पर गांव के बुज़ुर्गों की पंचायत बुलायी गयी.

रोज नहाना मना है

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Image caption (फ़ाइल फ़ोटो)

स्थानीय पत्रकार श्रीकांत चौबे ने बताया कि पंचायत ने फैसला लिया कि गांव के लोग रोज नहीं नहाया करें.

पहले हर घर में पार्याप्त पानी पहुंच जाए. ग्रामीणों और मवेशियों को पानी मिलने लगे. इसके बाद ही नहाने की बारी आएगी.

इसकी निगरानी के लिए बाकायदा एक कमेटी बना दी गयी है. रोज नहाने की कोशिश करने पर आर्थिक दंड का प्रावधान भी किया गया है.

एक और चापानल लगवाएंगे

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सगमा प्रखंड के बीडीओ देवदत्त पाठक इस तरह के पंचायती फरमान से इनकार करते हैं.

उन्होंने बताया कि खबर मिलने पर वह पश्चिम टोला गए थे. वहां एक और चापानल लगवाने का प्रयास किया जाएगा.

कटहर कलां की मुखिया तृप्तिदेव सिंह ने माना कि यहां पानी का संकट है. लेकिन, उन्होंने किसी पंचायती फऱमान की जानकारी से इनकार किया.

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