झारखंडः गर्मी में रोज़ नहाने पर रोक

  • 1 जून 2015
कथरकलाँ गाँव, झारखंड इमेज कॉपीरइट Srikant Chaube

झारखंड के गढ़वा में इन दिनों भीषण गर्मी पड़ रही है. अधिकतम तापमान औसतन 43 डिग्री सेल्सियस रहता है.

यहां के सगमा प्रखंड की पंचायत कटहर कलां का एक गांव है पश्चिम टोला. इस टोले की पंचायत ने रोज़ाना नहाने पर पाबंदी लगा दी है.

इस गांव में उरांव आदिवासियों के 80 घर हैं. गाँव में क़रीब 300 लोग रहते हैं.

पानी के लिए पूरे गांव की निर्भरता सिर्फ दो हैंडपंपों पर है. कुछ और हैंडपंप थे लेकिन वो खराब पड़े हैं. कभी यहाँ 19 कुएं थे लेकिन अब वो सारे सूखे पड़े हैं.

'पानी के लिए होते थे झगड़े'

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गाँव के निवासी भगरु उरांव ने बताया कि हैंडपंप से पानी भरने को लेकर झगड़े होने लगे थे.

उन्होने बताया, "कोई नहाने जाता, तो दूसरे मारपीट पर उतारू हो जाते क्योंकि एक के नहाने के कारण बाकी लोगों को पानी के लिए कड़ी धूप में लाइन लगानी पड़ती थी."

रोज-रोज हो रहे झगड़ों को पहले तो ग्रामीणों ने नजरअंदाज किया. बाद में बात बढ़ने पर गांव के बुजुर्गों की पंचायत बुलायी गई.

इस पंचायत में फैसला हुआ कि लोगों को रोज़ नहाने से रोका जाए. पंचायत ने फैसला लिया कि गांव के लोग रोज़ नहीं नहाया करें.

पंचों ने कहा कि पहले हर घर में पर्याप्त पानी पहुंच जाए. ग्रामीणों और मवेशियों को पानी मिलने लगे. इसके बाद ही नहाने की बारी आएगी.

इसकी निगरानी के लिए बाक़ायदा एक कमेटी बना दी गी है. रोज़ नहाने की कोशिश करने पर आर्थिक दंड का प्रावधान भी किया गया है.

लगेंगे और हैंडपैंप

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पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के प्रधान सचिव अमरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि उन्हें इस तरह की पंचायत होने की सूचना मिली है.

सिंह का कहना है कि गाँव में पानी का संकट है. हमने वहां तत्काल दो और हैंडपंप लगाने का आदेश दे दिया है.

हालांकि सगमा के बीडीओ देवदत्त पाठक इस तरह के पंचायती आदेश से इनकार करते हैं.

वो कहते हैं कि इस तरह की खबर मिलने पर वो पश्चिम टोला गए थे और वहाँ एक और हैंडपंप लगवाने का प्रयास किया जाएगा.

कटहर कलां की मुखिया तृप्तिदेव सिंह ने माना कि यहां पानी का संकट है लेकिन उन्होंने भी किसी पंचायती फरमान की जानकारी से इनकार किया.

लेकिन स्थानीय पत्रकार श्रीकांत चौबे कहते हैं कि स्थानीय प्रशासन अपनी इज़्ज़त बचाने में लगा है इसीलिए वो इस बात से इनकार कर रहा है.

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