जयललिता मामला: सुप्रीम कोर्ट जाएगा कर्नाटक

इमेज कॉपीरइट BBC World Service

तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता के आय से अधिक संपत्ति के मामले में कर्नाटक सुप्रीम कोर्ट में अपील करेगा.

हाल में हाई कोर्ट ने उनके ख़िलाफ़ लगे आरोपों को ख़ारिज करते हुए उन्हें बरी कर दिया था.

सितंबर 2014 में जयललिता को निचली अदालत ने 1997 के इस मामले में पांच साल की जेल की सज़ा सुनाई थी.

इमेज कॉपीरइट BBC World Service

जयललिता को न केवल मुख्यमंत्री का पद छोड़ना पड़ा था बल्कि जेल में भी रहना पड़ा था.

लेकिन इस साल 11 मई को हाई कोर्ट में अपील करने पर उन्हें राहत मिली, जब उन्हें आरोपों से बरी कर दिया गया.

इसके बाद 23 मई को वे दोबारा तमिलनाडु की मुख्यमंत्री बनी हैं.

कैबिनेट का फ़ैसला

सोमवार को बंगलुरु में हुई कैबिनेट की बैठक के बाद आम सहमति से सुप्रीम कोर्ट में अपील करने का फ़ैसला लिया गया.

कर्नाटक के विधि मंत्री टीबी जयचंद्र ने बैठक के बाद ये ऐलान किया.

इमेज कॉपीरइट PTI

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ज़ल्द ही सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर करेगी.

सुप्रीम कोर्ट यदि कोई मामला एक राज्य से दूसरे राज्य भेजता है तो जिस राज्य में यह मामला भेजा जाता है, वह इस मामल में पार्टी बन जाता है.

वीवी आचार्य करेंगे सरकार की पैरवी

इमेज कॉपीरइट Getty

जयललिता का मामला तमिलनाडु से कर्नाटक भेजा गया था. लिहाजा, कर्नाटक इस मामले में एक पार्टी है.

जयललिता के डीए केस में विशेष सरकारी वकील वीवी आचार्य ने सुप्रीम कोर्ट में अपील करने की सिफ़ारिश की थी.

स्थानीय पत्रकार इमरान क़ुरैशी ने बताया कि सरकार ने फ़ैसला किया है कि सुप्रीम कोर्ट में भी आचार्य ही सरकारी वकील होंगे.

इसके अलावा, अतिरिक्त महाधिवक्ता रवि वर्मा कुमार ने भी कहा था कि सरकार को सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर करनी चाहिए.

आय से अधिक संपत्ति के मामले में जयललिता के ख़िलाफ़ चार्जशीट 1997 में दाखिल की गई थी. उन पर आरोप लगाया गया था कि उन्होंने 1991 से 1996 तक मुख्यमंत्री रहने हुए आय से अधिक संपत्ति बनाई थी.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार