मैगी दिल्ली में 'फेल', केरल में रोक

  • 2 जून 2015
मैगी नूडल्स

दिल्ली सरकार की एक जांच में मैगी नूडल्स के नमूने सेहत के लिए 'असुरक्षित' पाए गए हैं.

वहीं केरल सरकार ने मैगी नूडल्स को अपने रिटेल आउटलेट से हटाने का आदेश दिया है.

मैगी नूडल्स में स्वास्थ्य मानकों की कथित अनदेखी को लेकर केरल, हरियाणा और बिहार समेत कई राज्यों में इसे बनाने वाली कंपनी नेस्ले इंडिया की मुश्किलें बढ़ रही हैं.

मैगी नूडल्स में तय मात्रा से ज्यादा लेड और मोनोसोडियम ग्लूटामेट होने के आरोपों के बाद जांच शुरू हो चुकी है.

हालांकि नेस्ले इंडिया का दावा है कि उसने अपने नमूनों को अपनी और बाहरी लैब में जांच कराया है और उनका उत्पाद 'खाने के लिए सुरक्षित' है.

इस बीच, बिहार में मुज़्ज़फ़रपुर की एक अदालत ने मैगी के ब्रांड एंबेसडर अमिताभ बच्चन, माधुरी दीक्षित और प्रीति जिंटा के ख़िलाफ़ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है.

मैगी पर सवाल

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार लगातार सवालों में घिरे मैगी नू़डल्स दिल्ली सरकार की जांच में कसौटी पर खरे नहीं उतरे हैं.

ऐसे में नेस्ले इंडिया के ख़िलाफ़ कार्रवाई हो सकती है.

दूसरी तरफ़ केरल के खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री अनूप जैबक के कार्यालय ने जानकारी दी कि सुरक्षा मुद्दे की तस्वीर साफ़ होने तक मैगी नूडल्स के वितरण पर अस्थाई रोक लगा दी गई है.

केरल में स्टेट सिविल सप्लाइज़ कॉर्पोरेशन के क़रीब 14 सौ आउटलेट हैं.

हरियाणा में भी सरकार के आदेश पर मैगी नूडल्स के नमूने लिए गए हैं, जिन्हें जांच के लिए भेजा जाएगा.

हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि उन्होंने पूरे राज्य से मैगी नूडल्स के नमूने लेकर जांच कराने का आदेश दिया है.

पश्चिम बंगाल खाद्य विभाग ने भी मैगी को लेकर बुधवार को बैठक बुलाई है.

अमिताभ पर केस

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बिहार में मुज़्ज़फ़रपुर की एक कोर्ट ने मैगी का विज्ञापन करने वाले तीनों फिल्म स्टार अमिताभ बच्चन, माधुरी दीक्षित और प्रीति जिंटा और नेस्ले के दो अधिकारियों के ख़िलाफ़ भी केस दर्ज करने का आदेश दिया.

कोर्ट ने पुलिस को आदेश दिया है कि अगर जांच में जरूरत हो तो गिरफ़्तारी भी की जाए. कोर्ट ने ये आदेश सुधीर कुमार ओझा की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया.

अमिताभ बच्चन कह चुके हैं कि वो अब मैगी का विज्ञापन नहीं करते.

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