'भाजपा पर विकल्प खुले रखे हैं पप्पू यादव ने'

पप्पू यादव, नेता, जन क्रांति अधिकार मोर्चा

हत्या के आरोप में जेल में दिन गुजार चुके बिहार के दबंग राजनेता पप्पू यादव उर्फ़ राजेश रंजन बिहार विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को समर्थन देने के मुद्दे पर अपने विकल्प खुले रखना चाहते हैं.

बीबीसी हिंदी के कार्यक्रम गूगल हैंग आउट पर यादव ने बीबीसी और इसके श्रोताओं व पाठकों के सवालों के जवाब खुल कर दिए.

'हिंदुत्व का समर्थन नहीं'

पप्पू यादव का कहना है कि वे नरेंद्र मोदी की विकास की राजनीति का समर्थन करते हैं. वे भूमि अधिग्रहण विधेयक और मोदी सराकर की दूसरी विकास से जुड़े फ़ैसलों के साथ हैं. पर वे हिंदुत्व का समर्थन नहीं कर सकते.

क्या पप्पू यादव की पार्टी बिहार चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के साथ होगी, इस मुद्दे पर वे कोई साफ़ जवाब नहीं देते, पर इस संभावना से इंकार भी नहीं करते.

मोदी की 'तारीफ़'

इमेज कॉपीरइट BBC World Service

पप्पू यादव ये तो कहते हैं कि उन्होंने लोकसभा में भाजपा के ख़िलाफ़ किसी दूसरी पार्टी से ज़्यादा हमले किए हैं. पर वे नरेंद्र मोदी का गुणगान करने से भी पीछे नहीं हटते.

पप्पू यादव राष्ट्रीय जनता दल से किसी भी क़ीमत पर कोई तालमेल नहीं रखना चाहते.

उन्होंने बीबीसी हिंदी के गूगल हैंगआउट में बार बार ज़ोर देकर कहा कि उन्होंने लालू यादव को समर्थन तब दिया जब वे सिर्फ छात्र नेता थे और लालू ने उन्हें हराने की हर मुमकिन कोशिश की.

'लालू ने हराने की कोशिश की'

पप्पू यादव अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को ख़ारिज करते हैं. वे कहते हैं कि पूंजीवादी मीडिया और सामंती ताकतों ने उन्हें दबंग कह कर अपमानित किया.

वे चुनौती देते हुए कहते हैं कि जो लोग उन्हें दबंग कहते हैं, वे किसी ग़रीब के आंसू पोंछ कर और गांव के स्तर पर ही सही अन्याय का विरोध कर देंखें.

'मैं हू व्यवस्था विरोधी'

पप्पू यादव का मानना है कि व्यवस्था विरोधी होने की वजह से ही उन्हें सताया गया. वे कहते हैं, “अंग्रेज़ भगत सिंह को क्या मानते थे? मैं भगत सिंह न सही, पर मैं भी उनकी तरह ही व्यवस्था विरोधी हूं.”

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)