भारत-बांग्लादेश के बीच होगा ऐतिहासिक समझौता

  • 6 जून 2015
modi इमेज कॉपीरइट EPA

भारत और बांग्लादेश 150 से अधिक बस्तियों की अदलाबदली के लिए एक ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे.

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को दो दिन की यात्रा पर बांग्लादेश पहुंचे, जहां ढाका में वो प्रधानमंत्री शेख़ हसीना के साथ इस समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे.

हज़ारों बांग्लादेशी भारत में मौजूद 50 से अधिक बस्तियों में रहते हैं जबकि बहुत से भारतीय बांग्लादेश में मौजूद 100 से अधिक ऐसे ही इलाक़ों के बाशिंदे हैं.

इस समझौते के बाद इन इलाक़ों की अदलाबदली हो सकेगी और वहां रहने वाले निवासियों के पास अपनी राष्ट्रीयता चुनने का अधिकार होगा.

यानी वे भारत और बंगलादेश में कहीं भी रह सकते हैं.

मील का पत्थर

इमेज कॉपीरइट focus bangla

बांग्लादेश के विदेश मंत्री अब्दुल हसन महमूद अली ने इस समझौते को दोनों देशों के रिश्तों में मील का पत्थर बताया है.

दोनों देशों की 4000 किमी लंबी सीमा पर मौजूद ये बस्तियां ब्रितानी राज की विरासत है और इन पर दशकों से दोनों देशों के बीच विवाद रहा है.

इन बस्तियों में रहने वाले लोगों की कोई राष्ट्रीयता नहीं है और वे जनसुविधाओं से वंचित है.

अली ने कहा कि दोनों देश व्यापार और सीमा पर सुरक्षा बढ़ाने तथा मानव तस्करी रोकने के लिए कई समझौतों पर हस्ताक्षर करेंगे.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए