मैगी मामले में अदालत जाएगी सरकार

  • 9 जून 2015
मैगी नूडल्स इमेज कॉपीरइट Reuters

खाद्य और उपभोक्ता मामलों के मंत्री राम विलास पासवान ने कहा है कि उनका मंत्रालय मैगी नूडल्स बनाने वाली कंपनी नेस्ले के ख़िलाफ़ राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में शिकायत करेगा.

बीबीसी के साथ बातचीत में राम विलास पासवान ने कहा, "उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम की अनुचित व्यापार व्यवहार और भ्रामक विज्ञापन से संबंधी धाराएं लगाई जाएंगी."

Image caption पासवान का कहना है कि उनका मंत्रालय नेस्ले के ख़िलाफ उपभोक्ता न्यायालय जाएगा.

उन्होंने बताया कि उनका मंत्रालय लिखित रूप में शिकायत दर्ज करेगा और क्लास एक्शन सूट दायर करेगा.

उन्होंने बताया कि खाद्य उत्पादों की नियामक संस्था एफएसएसएआई की जांच रिपोर्ट में मैगी नूडल्स पर सवाल उठे हैं.

पासवान ने कहा, "एफएसएसएआई ने 5 जून 2015 को अपने ऑर्डर में बताया है कि नेस्ले के नूडल्स को निर्धारित गुणवत्ता पर नहीं पाया गया है और पैकेट पर की गई घोषणा और वास्तविक लेवल में फ़र्क़ है."

पासवान के मुताबिक एफएसएसएआई ने नेस्ले को नोटिस दिया है जिसमें पूछा गया है कि उसके उत्पादों को पूरे देश में क्यों न बंद कर दिया जाए.

साथ ही नेस्ले से अपने नूडल्स को बाज़ार से हटाने के लिए कहा गया है.

जब रामविलास पासवान से पूछा गया कि क्या बाज़ार से नूडल्स को वापस लेना मुमकिन होगा तो उन्होंने कहा कि यह आदेश है इसलिए करना ही पड़ेगा.

मैगी नूडल्स पर लेड की अधिक मात्रा पाए जाने के बाद कुछ राज्यों ने मैगी पर प्रतिबंध लगा दिया है.

नेस्ले ने भी मैगी नूडल्स को बाज़ार से वापस लेने का फ़ैसला लिया है.

इसी बीच एफएसएसएआई ने अन्य कंपनियों के भी नूडल्स और फ़ास्ट फ़ुड उत्पादों की जाँच के आदेश दिए हैं.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

संबंधित समाचार