तोमर की गिरफ़्तारी से किसे होगा फ़ायदा ?

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फ़र्जी डिग्री के मामले में गिरफ़्तारी के बाद दिल्ली के क़ानून मंत्री जितेंद्र तोमर ने कल पद से इस्तीफ़ा दे दिया था.

दिल्ली पुलिस ने कहा है कि उसकी जाँच में तोमर की डिग्री फ़र्जी पाई गई है. यह मामला अदालत में विचाराधीन है.

तोमर की गिरफ़्तारी के बाद आम आदमी पार्टी का कहना है कि हालात इमरजेंसी से भी ख़राब हैं.

वहीं केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि गृह मंत्रालय इस तरह के आदेश नहीं देता और दिल्ली पुलिस क़ानून का पालन कर रही है.

बीबीसी संवाददाता दिव्या आर्य ने इस मुद्दे पर कारवां पत्रिका के राजनीतिक संपादक हरतोष सिंह बल से बात की.

पढ़ें बातचीत के अंश

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जितेंद्र तोमर की गिरफ़्तारी का राजनीतिक असर क्या होगा?

जितेंद्र तोमर मामले में आम आदमी पार्टी ने कई ग़लतियां की थीं. उन्हें पहले ही तोमर से कहना चाहिए था कि जब तक जांच या केस पूरा नहीं हो जाता वो पद से इस्तीफ़ा दे दें.

लेकिन ऐसे समय में जब दिल्ली पुलिस और दिल्ली सरकार आमने-सामने हैं तो दिल्ली पुलिस के इस क़दम पर संदेह उठता है.

दिल्ली सरकार का विरोध सीधा केंद्र सरकार के साथ है. केंद्र ने ऐसा कोई संकेत नहीं दिया है कि वह इसे कम करना चाहता है. इसलिए यह बढ़ेगा.

तोमर के ख़िलाफ़ ये मामला गंभीर है .लेकिन जिस तरह से दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई की है उससे ऐसा लगता है कि इसका राजनीतिक फ़ायदा केजरीवाल को मिलेगा.

केंद्र सरकार पर इसका क्या असर पड़ेगा?

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केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह या कोई भी अधिकारिक रूप से तो यही कहेगा कि उसका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है लेकिन सब जानते हैं कि दिल्ली पुलिस एक मंत्री के खिलाफ़ ऐसा कदम उप-राज्यपाल या गृह मंत्रालय की सहमति के बिना नहीं उठा सकती.

ऐसा लगता है कि भाजपा ने आम आदमी पार्टी के साथ लड़ाई को एक अहम् की लड़ाई बना लिया है जिसका नुक़सान उन्हें ज़रूर होगा.

इसके बाद क्या सत्ता के केंद्रीकरण को लेकर हमले बढ़ेंगे?

यह एक ऐसा मुद्दा है जिसे लेकर आम आदमी पार्टी और कांग्रेस एकमत हैं. नरेंद्र मोदी की जो स्थिति छह महीने पहले थी वह अब नहीं है.

सवाल उठाए जाएंगे, हमले किए जाएंगे, अगले दो-तीन महीने में इनका रुख दिल्ली से हटकर बिहार की तरफ़ हो जाएगा. लेकिन यहां संघर्ष जारी रहेगा.

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इसका दिल्ली सरकार के प्रशासन पर क्या असर होगा?

कई ऐसी चीज़ें हैं जिन पर आम आदमी पार्टी काम कर सकती है.

लोग कहेंगे कि ठीक है आपके ख़िलाफ़ सरकार काम कर रही है लेकिन कई चीज़ें हैं जहां दिल्ली सरकार काम कर सकती है, वहाँ काम करके दिखाइए, या लोग कह सकते हैं कि जब भी आपको चुना जाएगा तो यही संघर्ष देखने को मिलेगा.

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