संघ प्रमुख की सुरक्षा पर बोले, क़ीमत चुकाई

  • 11 जून 2015
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत को जेड प्लस स्तर की सुरक्षा देने के मोदी सरकार के निर्णय पर टिप्पणी करना राजस्थान भाजपा के प्रवक्ता कैलाश नाथ भट्ट को भारी पड़ गया और उनको इसकी क़ीमत अपने पद से इस्तीफ़ा देकर चुकानी पड़ी.

फ़ेसबुक पर लिखी उनकी टिप्पणी पर बवाल खड़ा हो गया था.

बुधवार को कैलाश नाथ भट्ट ने अपना इस्तीफ़ा प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी को भेजा जिसे तत्काल मंजूर कर लिया गया.

परनामी ने इस बारे में बीबीसी को बताया कि भट्ट ने अपने इस्तीफे में कहा है कि वे पार्टी हित में अपना त्यागपत्र दे रहे हैं. इससे ज्यादा मैं नहीं बता सकता.

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Image caption फ़ेसबुक पर लिखी कैलाश नाथ भट्ट की टिप्पणी के कारण बवाल मच गया था.

दूसरी तरफ भट्ट ने बीबीसी से कहा कि फेसबुक पर लिखी मेरी बातों के कारण मैंने संगठन के हित में अपना इस्तीफ़ा दिया है.

भट्ट ने आठ जून को अपने फेसबुक वाल पर पोस्ट किया था, "मुझे नहीं मालूम कि प. पु सरसंघचालक जी को जेड प्लस सुरक्षा क्यों दी और उन्होंने स्वीकार की है या नहीं ? आज देश का सुरक्षाकर्मी ही सुरक्षित नहीं है, अभी हाल हमारे 20 से ज्यादा जवान मणिपुर में शहीद हो गए. विकट परिस्थिति में गुरु जी , बाला सहाब देवरस जी की रक्षा भगवान ने की थी. स्वर्गीय श्रीमती इंदिरा गांधी की हत्या सुरक्षाकर्मियों ने की थी. भगवान ने सभी की सुरक्षा की जिम्मेदारी ले रखी है, फिर कैसा भय, विचार करे क्या यह सुरक्षा व्यवस्था आपको सर्व सामान्य स्वयंसेवक से दूर नहीं कर देगी, क्या यह व्यवस्था स्टेटस सिंबल का प्रतीक नहीं कहलाएगी? गलती के लिए क्षमा प्रार्थी हूं, लेकिन अपने विचारों को रोक नहीं पाया."

हालांकि बाद में उन्होंने फेसबुक पर माफी भी मांग ली थी लेकिन इसके बावजूद वे अपने को नहीं बचा सके.

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