सना के विश्व विरासत इलाक़े पर हमला

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Image caption यमन की राजधानी सना के प्राचीन इलाक़े में पिछले ढाई हज़ार साल से लगातार लोग रह रहे हैं.

संयुक्त राष्ट्र के शैक्षणिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) ने यमन में विश्व के विरासत स्थल को हवाई हमलों में हुए नुक़सान की आलोचना की है.

सऊदी अरब के नेतृत्व में अरब गठबंधन ने मार्च में हूती विद्रोहियों के ख़िलाफ़ हवाई हमले शुरू किए थे.

हालांकि अरब गठबंधन ने प्राचीन शहर पर हवाई हमले करने से इंकार किया है.

इस्लामिक संस्कृति के 'दुनिया के सबसे पुराने नगीनों' में से एक माने जाने वाले यमन के पुराने शहर सना को शुक्रवार सुबह हुए हवाई हमलों में भारी नुक़सान हुआ है.

स्थानीय लोगों के मुताबिक इन हमलों में कम से कम पाँच लोग मारे गए हैं. स्थानीय नागरिकों का कहना है सना के प्राचीन शहर में हुआ ये पहला सीधा हवाई हमला है.

भारी नुकसान

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Image caption यमन में मार्च से हवाई हमले हो रहे हैं.

यूनेस्को की मुखिया इरीना बोकोवा ने कहा वे इससे व्यथित हैं.

उन्होंने कहा कि सना के प्राचीन इलाक़े में घरों को हुआ नुक़सान बिगड़ रहे मानवीय हालातों को और ख़राब करेगा.

उन्होंने कहा, "ये विरासत यमन के लोगों की आत्मा है और हज़ारों साल के ऐतिहासिक ज्ञान का प्रतीक हैं और इन पर समूची मानवता का हक़ है."

राजधानी सना के हूति विद्रोहियों के क़ब्ज़े में आने और अपने घर में नज़रबंद किए जाने के बाद राष्ट्रपति अब्दुरब्बुह मंसूर हादी मार्च में सऊदी अरब भाग गए थे.

जारी है संघर्ष

संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक सऊदी अरब के नेतृत्व में शुरू हुए हवाई अभियान के बाद से यमन में 2200 से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं और दस हज़ार से ज़्यादा घायल हो चुके हैं.

सऊदी अरब का कहना है कि हमले हूती विद्रोहियों को हटाने और राष्ट्रपति हादी को दोबारा सत्ता दिलवाने के लिए किए जा रहे हैं.

गठबंधन सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल अहमद अल असीरी ने समाचार एजेंसी एएफ़पी से कहा, "हमने प्राचनी शहर में हमले नहीं किए हैं."

यूनेस्को के मुताबिक मई के अंत में प्रचानी शहर मारिब पर भी हवाई हमले हुए थे.

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