घिरतीं जा रहीं हैं सुषमा स्वराज?

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परस्पर हितों के टकराव जैसे आरोपों से घिरीं विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने सोमवार सुबह भी ट्विटर पर प्रतिक्रिया देते हुए अपने को विवाद से दूर रखने की कोशिश की थी.

लेकिन सुषमा स्वराज के इस्तीफ़े की मांग भी तेज़ होती जा रही हैं और दिल्ली में उनके सरकारी घर के बाहर सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है.

सुषमा स्वराज पर आईपीएल के पूर्व चेयरमैन और व्यवसायी ललित मोदी को कुछ अहम ट्रैवल डॉक्यूमेंट दिलाने में मदद का आरोप है.

भारत के प्रवर्तन निदेशालय ने ललित मोदी पर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाएं हैं जिनकी सुनवाई के लिए ललित मोदी ब्रिटेन से भारत ही नहीं लौटे हैं.

'मानवीय आधार'

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सुषमा स्वराज पर इस बात के आरोप हैं कि उन्होंने ललित मोदी को ब्रिटेन से पुर्तगाल जाने के लिए ज़रूरी दस्तावेज़ों के लिए कथित 'सिफ़ारिश' की.

हालांकि खुद सुषमा स्वराज ने सफाई में ट्वीट किया, "ललित मोदी को कैंसर से पीड़ित अपनी पत्नी का इलाज कराने पुर्तगाल जाना था और वे जा नहीं पा रहे थे. इसलिए मैंने मानवीय अधिकार पर उनकी मदद की थी."

भारत से जाकर ब्रिटेन में शरण लेने के पहले ललित मोदी को भारतीय जनता पार्टी का करीबी समझा जाता था.

बिज़नेस स्टैंडर्ड अखबार की राजनीतिक संपादक अदिति फड़नीस को लगता है कि सुषमा बहुत आवेश में काम करतीं हैं इसलिए शायद ये हो गया हो.

उन्होंने बताया, "ललित मोदी चूंकि भाजपा से जुड़े रहें हैं इसलिए बात का तूल पकड़ना लाज़मी है. याद रखने वाली बात ये है कि जब सुषमा ने कथित 'सिफ़ारिश' की, तब तक यूपीए सरकार द्वारा ज़ब्त किए गए ललित मोदी के पासपोर्ट को हाई कोर्ट ने जारी कर दिया था. हालांकि ये कहना जल्दबाज़ी होगी कि सुषमा को इस्तीफ़ा दे देना चाहिए".

हितों का टकराव

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विपक्ष ने सुषमा स्वराज को इस बात पर भी घेरा है कि ललित मोदी के लिए 'सिफ़ारिश' करके सुषमा ने परस्पर हितों के टकराव वाले नियम के साथ समझौता किया है.

कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने एक टीवी चैनल से कहा, "देश के हित में ये उत्तर मिलना ज़रूरी है कि विदेश मंत्री ने ललित मोदी की मदद क्यों की".

आरोप ये भी है कि सुषमा के पति स्वराज कौशल ललित मोदी के वकील रह चुके हैं और वर्तमान में उनकी बेटी बांसुरी कौशल मोदी की वकील हैं.

ऐसे में विदेश मंत्री की हैसियत से सुषमा की तरफ़ से ललित मोदी की मदद हितों का टकराव बताया गया है.

अदिति फड़नीस बताती हैं, "ऐसे मामले पहले भी हुए हैं. पिछली सरकार में वित्त मंत्री रहे पी चिदंबरम की पत्नी ने वकील के तौर पर कुछ ऐसे लोगों के केस ले लिए थे जिनके ख़िलाफ़ वित्त मंत्रालय की कार्रवाई जारी थी. अब फिर से एक मामला उठा है. एक विदेश मंत्री की हैसियत से सुषमा ने किसके और कितने हितों पर ध्यान दिया, दूसरों के लिए कह पाना ज़रा मुश्किल है".

राजनीति

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ब्रितानी मीडिया में छपी कुछ ख़बरों में कहा गया है कि भारतीय मूल के ब्रितानी सांसद कीथ वाज़ ने भी कथित तौर से भारतीय विदेश मंत्री के नाम का 'सहारा' ललित मोदी की मदद के लिए किया.

हालांकि अभी मामले पर सभी पक्षों की प्रतिक्रिया आनी बाकी है लेकिन भारत में प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस ने सुषमा का इस्तीफ़ा मांग लिया है.

अदिति फड़नीस कहती हैं, "मामला भाजपा के भीतर भी काफ़ी रोचक होता जा रहा है. पार्टी के भीतर कई ऐसे लोग सुषमा के बचाव में आए हैं जिन्हें देखकर लगता है कि एक अंदरूनी राय सुषमा के खिलाफ साज़िश होने पर भी बन रही होगी. सवाल ये भी है कि बिहार में जल्द चुनाव होने वाले हैं और अगर सुषमा इस्तीफ़ा दे देतीं हैं तो हालात और दिलचस्प हो जाएंगे".

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