पंजाबः सीमा के आर-पार होती रही ड्रग्स तस्करी

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पंजाब से लगी भारत और पाकिस्तान की 553 किली लंबी सीमा पर कंटीले तारों की बाड़ भी तस्करी नहीं रोक पा रही है.

आलम यह है कि जहां साल 2010 में सात किलोग्राम हेरोइन ज़ब्त की गई वहीं 2014 में 187 किग्रा. हेरोइन ज़ब्त की गई.

इसी तरह पकड़े गए हथियारों की तादाद में भी काफ़ी तेज़ी दर्ज़ हुई है. साल 2010 में जहां आठ कारतूस पकड़े गए वहीं 2014 में इनकी संख्या 111 तक पहुंच गई थी.

इस तस्करी की बड़ी वजह है, भारत-पाकिस्तान के बीच 10 किलोमीटर का वह हिस्सा जहां बाड़ नहीं लगी है और दोनों देशों के बीच नदी है.

सीमा सुरक्षा बल ने पंजाब, राजस्थान और गुजरात से लगी सीमा पर ऐसी 140 जगहें चिह्नित की हैं जहां से आर-पार जाना आसान है.

नदी के सहारे तस्करी

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पंजाब का जो 10 किलोमीटर लंबा क्षेत्र चिह्नित किया गया है वहां तीन नदियां, रावी, सतलज और व्यास मौजूद हैं जो कई जगहों पर हर साल अपना रास्ता बदलती रहती हैं.

यही जल सीमा बीएसएफ़ के लिए भारी चुनौती बन गई है. यहां से ड्रग तस्करी, जाली मुद्रा और हथियारों को भारत में भेजने की गतिविधियों को अंजाम देना आसान है.

पिछले कुछ सालों में बीएसएफ़ के सीमा सुरक्षाकर्मियों ने न केवल ड्रग और जाली मुद्रा ज़ब्त किया है बल्कि कई तस्करों को मार डाला और उनके हथियारों को अपने क़ब्ज़े में ले लिया.

सीमा पर सीसीटीवी

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बीएसएफ़ के डीआईजी फ़ारुखी ने बीबीसी को बताया कि कुछ जगहों पर, ख़ासकर जहां नदी अपना रास्ता बदलती रहती है वहां कंटीली बाड़ लगाना मुश्किल है और इसीलिए वहां चौकसी कड़ी कर दी गई है.

वह कहते हैं, “राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को रोकने के लिए बीएसएफ़ हाईटेक उपकरणों का इस्तेमाल कर रही है. ऐसी जगहों पर सीसीटीवी लगा दिया गया है और नाव से नदी में गश्त लगाई जाती है.”

लेकिन ड्रग और हथियारों की ज़ब्ती के बढ़ते आंकड़ों पर उनका कहना है कि यह कड़ी निगरानी की वजह से ही हो पा रहा है.

कथित रूप से सीमा के पास रह रहे अधिकांश पंजाबी युवा या तो ड्रग के नशे की गिरफ़्त में आ गए हैं या भारत और पाकिस्तान के तस्करी गिरोहों के चंगुल में फंस गए हैं.

आरोप हैं कई

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बीएसएफ़ अधिकारी ने बताया कि कुछ तस्करों का पीढ़ियों से यही पेशा है और ये सीमा के पास रहते हैं.

कथित रूप से पंजाब सरकार ने सीमा सुरक्षा बलों पर सीमा पार से हो रही ड्रग तस्करी न रोक पाने और दूसरी तरफ़ के तस्करों से संबंध रखने का आरोप लगाया है.

एक रिपोर्ट के अनुसार, पंजाब में हेरोइन की बजाय सिंथेटिक ड्रग्स की ख़पत ज़्यादा है.

बीएसएफ़ अधिकारियों का कहना है कि पाकिस्तान से होने वाली ड्रग तस्करी को केवल कंटीले तारों के भरोसे नहीं रोका जा सकता है बल्कि यह एक ऐसा युद्ध है जिसमें हर समय सतर्कता बरतनी होगी.

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