वायलिन से पाकिस्तान का भी दिल जीत लिया

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अनुप्रिया देवताले मशहूर वायलिन वादक हैं. अनुप्रिया जाने-माने कवि चंद्रकांत देवताले की बेटी हैं.

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Image caption अनुप्रिया इंदौर की रहने वाली हैं, अपनी संगीत की तालीम के बाद वह दिल्ली में ही बस गईं.

बचपन में ही बेटी के जिद करने पर उन्होंने उन्हें वायलिन खरीद कर दे दिया और वहीं से अनुप्रिया का लगाव इससे हो गया.

संगीत साधना के लिए सही गुरु के मार्गदर्शन की ज़रूरत होती है. इसलिए अनुप्रिया अपनी माँ के साथ दिल्ली आ गईं और उस्ताद अमज़द अली खान से सरोद सीखना शुरू किया.

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यहीं उनकी मुलाक़ात मशहूर सारंगी वादक पंडित रामनारायण से हुई, जिन्होंने उनका गुरु बनना स्वीकार किया.

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अनुप्रिया ने वायलिन के साथ कई नए प्रयोग किए हैं. उनकी नजर में वायलिन सबसे सुंंदर वाद्ययंत्र है. अनुप्रिया को सूफ़ी संगीत बहुत पसंद है.

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वो रॉक, हैवी मेटल, फ्लेमिंको और सूफ़ी संगीत को भारतीय शास्त्रीय संगीत के साथ मिलाकर नए प्रयोग करती हैं.

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Image caption उन्हें प्रकृति से बहुत लगाव है और इसके प्रति जागरूकता फ़ैलाने के लिए वो कुछ करना चाहती हैं.

अनुप्रिया को संगीत साधना के अलावा बागवानी का भी खूब शौक है, उन्होंने अपने घर के चारों ओर बहुत से पेड़-पौधे लगा रखे हैं.

अनुप्रिया ने पाकिस्तान के मशहूर गायक उस्ताद शफ़ाक़त अली ख़ान के साथ भी संगत की है.

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वो हिंदुस्तान की पहली कलाकार हैं जिन्हें लाहौर में उस्ताद सलामत अली ख़ान और उस्ताद नज़ाकत अली ख़ान सम्मान से नवाज़ा गया है.

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अनुप्रिया ने एक फ्यूज़न बैंड भी बनाया है, जिसका नाम 'परिंदे' है.

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यह बैंड विभिन्न रागों पर आधारित कम्पोजिशन पर काम करता है. अनुप्रिया लगभग 40 देशों में अपना हुनर दिखा चुकी हैं.

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उनका 'अमीर खुसरो सेंटर फॉर म्यूजिक' नाम से संगीत विद्यालय भी है.

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