कश्मीर में पुलिस वैन में धमाका, क़ैदी की मौत

इमेज कॉपीरइट EPA

भारत प्रशासित कश्मीर के सोपौर में पुलिस की एक वैन में धमाका हुआ है, जिसमें पाँच पुलिसकर्मी घायल हुए हैं और वैन में मौजूद क़ैदी की मौत हो गई है.

इस क़ैदी को श्रीनगर से लाया जा रहा था, जिसे सोपौर के सत्र न्यायालय में पेश किया जाना था. अभी क़ैदी के बारे में ज़्यादा जानकारी सामने नहीं आई है.

एक अन्य घटना में कश्मीर के कूपवाड़ा ज़िले में स्थित मचिल सेक्टर में सेना ने चरमपंथियों से मुठभेड़ में एक चरमपंथी को मारने का दावा किया है.

सेना का दावा है कि छह से सात चरमपंथी नियंत्रण रेखा को पार करके भारतीय इलाक़े में घुसने की कोशिश कर रहे थे.

मई महीने के आख़िर से कश्मीर के सोपौर में हिंसा की कई घटनाएँ हुई हैं. ताज़ा सिलसिला 25 मई को शुरू हुआ जब वहाँ मोबाइल टॉवर्स को निशाना बनाया गया और एक नया चरमपंथी गुट लश्कर-ए-इस्लाम सामने आया.

धमकी

इमेज कॉपीरइट EPA

इस संगठन ने कई जगह पोस्टर लगवाए और उन लोगों को धमकी की, जिनकी ज़मीनों और घरों में मोबाइल टॉवर्स लगाए गए हैं.

संगठन ने ये कहा कि इन मोबाइल टॉवर्स के कारण ही कई चरमपंथी कमांडरों को पकड़ा गया है और वे इसे चलने नहीं देंगे.

मोबाइल टॉवर्स को निशाना बनाने के क्रम में दो लोग मारे गए थे. इसके बाद चार लोगों की अज्ञात बंदूकधारियों ने हत्या कर दी. लेकिन इन चार हत्याओं की किसी ने ज़िम्मेदारी नहीं ली.

लेकिन पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में सशस्त्र गुटों के गठबंधन जिहाद काउंसिल के अध्यक्ष सैयद सलाहुद्दीन ने इसे भारतीय ख़ुफ़िया एजेंसियों की कारस्तानी बताया. भारत प्रशासित कश्मीर के अलगाववादियों ने भी ऐसा ही बयान दिया और इस मुद्दे पर कई बार बंद का आह्वान भी किया गया.

पुलिस की बात करें तो पुलिस महानिदेशक के राजेंद्र ने कहा कि कुछ दिनों में पता चल जाएगा कि इसके पीछे कौन है. लेकिन अभी तक हिज्बुल मुजाहिदीन के दो चरमपंथियों के पोस्टर निकाले गए हैं और उन पर 10 लाख रुपए के इनाम की भी घोषणा की गई है. लेकिन हिज्बुल का कहना है कि पुलिस ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार