जयललिता की रिहाई, कर्नाटक को ना आई रास

  • 23 जून 2015
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तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता के आय से अधिक संपत्ति के मामले में रिहाई के ख़िलाफ़ कर्नाटक ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर दी है.

एक वक़ील ने बीबीसी हिंदी को नाम न बताने की शर्त पर बताया, "कर्नाटक हाईकोर्ट के फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील दायर की गई है."

विशेष सरकारी वकील बी वी अाचार्य ने 11 मई को जयललिता की रिहाई पर बीबीसी हिंदी से कहा था कि हाईकोर्ट के फ़ैसले में 'गणितीय ग़लतियां' थी और अभियोग पक्ष को अपना मामला रखने का मौक़ा नहीं दिया गया था.

हाईकोर्ट ने 27 सितंबर के सत्र न्यायालय के फ़ैसले को पलटते हुए कहा कि तमिलनाडु की मुख्यमंत्री की आय से अधिक संपत्ति उनकी कुल आय का केवल 10 फ़ीसदी है.

ग़लत आंकड़े

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इसलिए हाईकोर्ट ने उनके ख़िलाफ़ लगे आरोपों को ख़ारिज करते हुए उन्हें बरी कर दिया था.

सितंबर 2014 में जयललिता को निचली अदालत ने 1997 के इस मामले में पांच साल की जेल की सज़ा सुनाई थी.

आचार्य ने कहा था कि फ़ैसले में ग़लत तरीक़े से 10 करोड़ रुपये का आंकड़ा पेश किया गया और इसकी गणना का पैमाना ही ग़लत था.

कुछ हफ़्ते में छुट्टियां ख़त्म होने के बाद सुप्रीम कोर्ट में इस मामले में सुनवाई होने की उम्मीद है. जयललिता 23 मई को दोबारा तमिलनाडु की मुख्यमंत्री बनी हैं.

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