आपातकाल में मैने बहुत कुछ सीखा: मोदी

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भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में काले अध्याय के रूप में दर्ज इमरजेंसी के 40 साल पूरे होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा है कि तत्कालीन राजनीतिक नेतृत्व ने लोकतंत्र को कुचल दिया था.

उन्होंने ट्विटर पर लिखा है, " हमें उन लाखों लोगों पर गर्व है जिन्होंने आपातकाल का विरोध किया. जिनके प्रयासों से हमारे लोकतंत्र का तानाबाना बचा हुआ है."

उन्होंने अपने ट्वीट में यह भी कहा है कि आपातकाल के ख़िलाफ़ चले आंदोलन के दौरान लोकतंत्र की वापसी के लिए लड़ रहे नेताओं से सीखने के लिए आपातकाल एक अवसर की तरह था.

प्रधानमंत्री ने लिखा है कि जयप्रकाश नारायण से प्रभावित बहुत से पुरुष और महिलाएं लोकतंत्र की रक्षा के लिए आंदोलन में कूद पड़े थे.

उदार लोकतंत्र

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लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई इंदिरा गांधी सरकार ने 25 जून 1975 को देश में आपातकाल की घोषणा की थी.

इसके विरोध में देश भर में आंदोलन शुरू हो गए थे.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा है, "एक विविधतापूर्ण उदार लोकतंत्र विकास की बुनियाद है. हम अपने लोकतांत्रिक आदर्शों और चरित्रों को और मजबूत बनाने के हरसंभव प्रयास करें."

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