उत्तराखंड: फंसे हुए हैं चार धाम यात्रा पर गए लोग

  • 27 जून 2015
बदरीनाथ मंदिर

उत्तराखंड में चार धाम यात्रा पर गए हजारों लोग जगह-जगह फंसे हुए है.

उत्तराखंड सरकार के एडीशनल चीफ़ सेक्रेटरी राकेश शर्मा ने बीबीसी को बताया कि फंसे हुए यात्रियों को हेलीकॉप्टर की मदद से निकालने का काम जारी है.

अब तक 1,035 यात्री अलग अलग जगहों पर सुरक्षित पहुंचा दिए गए हैं.

हेलीकॉप्टर की मदद

बदरीनाथ राजमार्ग को खुलने में अभी और तीन दिन का समय लग सकता है. हेमकुंड के यात्री भी विभिन्न पड़ावों पर रुके हुए हैं.

मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा है, "यात्रा रोकी नहीं गई है, बाधित हुई है. इसे बस नियंत्रित किया गया है. चार धाम यात्रा पूरी तरह से सुरक्षित है."

उनका दावा है कि यात्रियों को पूरी सुरक्षा और हर तरह की सुविधा मुहैया कराई जा रही है.

समझा जाता है क मौसम 30 जून तक साफ़ रहेगा और चार धाम मार्ग पर बारिश के आसार नहीं है.

सोनप्रयाग से आगे रास्ता नहीं

केदारनाथ मार्ग पर मंदाकिनी नदी पर बने पुल और सड़क के धंस जाने से अब यात्रियों को सोनप्रयाग से ही पैदल सफ़र करना पड़ेगा. बचाव दल पहले पूरे रास्ते का मुआयना करेगा, उसके बाद ही यात्रियों को आगे भेजा जाएगा.

उधर कैलाश-मानसरोवर रास्ते में भी चेतलकोट मार्ग पर मलबा आ जाने से आगे का रास्ता बंद हो गया है. यात्रियों को धारचूला में ही रोक दिया गया है.

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