अमरेली बाढ़ः तस्वीरों में तबाही के निशां

गुजरात के अमरेली ज़िले में पिछले हफ्ते आई बाढ़ का पानी उतर गया है. अमरेली में आई कुदरती आपदा में 70 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है.

कई लोग और जानवर बाढ़ के बाद खेतों में जमा मिट्टी की गाद में दब गए.

इमेज कॉपीरइट ANKUR JAIN

ये तस्वीर अमरेली के सनोसारा गांव की है. गांव को अमरेली के बाकी गांवों से जोड़ने वाली ये पुलिया बाढ़ में पूरी तरह टूट गई है.

इमेज कॉपीरइट ANKUR JAIN

तनोसरा गांव का ही एक नजारा. करीब 20 मीटर ऊंची लहरों वाली बाढ़ ने यहां खूब तबाही मचाई.

इमेज कॉपीरइट ANKUR JAIN

लिलिया तालुका का एक गांव जहां पूरा खेत बाढ़ के पानी में डूब गया. तस्वीर में खेतिहर, मज़दूर ट्यूबवेल पाइप ढोते दिखाई दे रहे हैं. बाढ़ में ये ट्यूबवेल टूट गए थे.

इमेज कॉपीरइट ANKUR JAIN

खिजारिया गांव के एक खेत में फ़सल पूरी तरह बर्बाद हो गई.

आमतौर पर अमरेली पीने और खेती के पानी की सख़्त किल्लत वाला इलाक़़ा माना जाता है लेकिन सौराष्ट्र में भारी बारिश के बाद से यहां की सूरत बदल गई.

इमेज कॉपीरइट ANKUR JAIN

ये लिलिया गांव का रेलवे पुल है. ये पुल यहां से बाबापुर गांव को जाता है. पटरी के नीचे पत्थर का पुल टूट गया है.

इमेज कॉपीरइट ANKUR JAIN

ये सनोसारा गांव के खेतिहर मजदूर हैं. इनका सबकुछ लुट चुका है. खेत पानी में डूब जाने से पूरी फसल ख़त्म हो चुकी है.

इमेज कॉपीरइट ANKUR JAIN

गांव वेरावल से दासा जाने वाली रेलवे लाइन उखड़ चुकी है.

इमेज कॉपीरइट ANKUR JAIN

नदी के उपर बना तरवादा गांव का पुल भी टूट गया है.

इमेज कॉपीरइट ANKUR JAIN

गांव के बिजली के खंभे भी टूट कर जमीन पर गिर गए हैं.

बाढ़ कितनी खतरनाक थी ये इस बात से पता चलता है कि इसने एक घंटे से भी कम वक़्त में अमरेली के 600 गांवों को जलमग्न कर दिया.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)