रोबोट ने की हत्या, ज़िम्मेदार कौन?

  • 4 जुलाई 2015
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जर्मनी की कार बनाने वाली फोक्सवैगन के कारखाने में एक रोबोट ने साथ में काम कर रहे एक व्यक्ति को मार डाला.

यह हादसा बउनाटाल के कारखाने में हुआ ज़हां 22 साल का एक ठेकेदार रोबोट को ठीक कर रहा था. रोबोट ने व्यक्ति को पकड़ा और उसे मेटल की प्लेट से दबा दिया जिससे उसकी मौत हो गई.

समाचार एजेंसी एपी के अनुसार कंपनी प्रवक्ता हीको हिलविग ने कहा यह दुर्घटना मानवीय ग़लती से हुई है, रोबोट में किसी तरह की कोई ख़ामी नहीं.

परंतु यह घटना आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को फिर से एक बार चर्चा के दायरे में ले आती है.

आख़िर ग़लती किसकी?

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कंपनी का ‘रोबोट ठीक है’ कह देना मामले को और भी उलझा देता है. रोबोट आख़िर है तो एक मशीन ही जो स्मार्ट सॉफ्टवोयर पर काम करता है.

मशीन के हाथों जब दुर्घटना होती है मशीन चलाक ज़िम्मेदार ठहराया जाता है, लेकिन मशीन बनाने वाला नहीं.

पर जब एक स्मार्ट मशीन यानि कि रोबोट को हाथों दुर्घटना होती है तो कौन होगा ज़िम्मेदार - रोबोट बनाने वाला, उसका सॉफ्टवेयर बनाने वाला या चलाने वाला?

साइबर कानून विषेशज्ञ पवन दुग्गल कहते हैं, "अब केवल हार्डवेयर को ही नहीं, सॉफ्टवेयर को भी कटघरे में खड़ा किये जाने की ज़रुरत पड़ेगी."

दुग्गल कहते हैं कि "रोबोटिक्स उभरता हुआ क्षेत्र है इस पर अभी कानून बनने की ज़रुरत है. इस तरह की घटना में कंपनी तो ज़िम्मेदार होती ही है लेकिन स्मार्ट कहे जाने वाले रोबोट की जिम्मेदारी औरों की भी होती है. रोबोट को भी नाक़ाम किया जाना ज़रुरी है."

क़ानून है कहां?

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अमरीका के नेवादा और कैलिफॉर्निया में गूगल के बिना ड्राइवर वाली रोबोट कार की परीक्षा के लिए क़ानून बनाए गए हैं. पर इनमें यह कहा गया है कि कार में ड्राइवर की सीट पर एक व्यक्ति का होना ज़रूरी है ताकि दरकार होने पर वह निर्णय ले सके.

ब्रिटेन, अमरीका के फ्लोरिडा में भी इस तरह के क़ानून बन रहे हैं पर इसमें हर तरह के रोबोट को दायरे में लेने में अभी देर है. भारत की बात अभी न करें तो ठीक होगा, लेकिन भविष्य में यहां भी इस प्रकार के क़ानून का ज़रूरत होगी.

इन्हें भी है स्मार्ट चीज़ों का डर

1. पिछले साल टेस्ला के मालिक एलॉन मस्क ने एक ट्वीट में कहा था कि हमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के मामले में बेहद सावधानी बरतनी होगी. ये परमाणु हथियारों से अधिक घातक हो सकते हैं.

2. भौतिक शास्त्री स्टीफ़न हॉकिन्स ने एक लेख में चेताया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मानव इतिहास में सबसे बढ़िया या सबसे घातक चीज़ साबित हो सकती है.

उनका कहना है "चूंकि जैविक रूप से इंसान का विकास धीमा होता है, वह कम्पीट नहीं कर पाएगा और पिछड़ जाएगा."

3. ऐपल के सह संस्थापक स्टीव वॉज़नियाक के अनुसार मानव को रोबोट से कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए क्योंकि हम उनके पालतू बन जाएंगे.

फ्रीस्केल टेक्नोलॉजी फोरम में बात करते हुए उन्होंने कहा कि 'रोबोट हमसे स्मार्ट होंगे और जल्दी ही जान लेंगे कि उन्हें हमारी ज़रुरत है'.

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4. माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स ने इसी साल जनवरी में कहा था कि उन्हें नहीं पता क्यों लोग इस बात से नहीं डरते हैं कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंसान से ज़्यादा ताकतवर बन सकता है.

5. तकनीक की दुनिया को नई दिशा देने वाले जार्ज लुकास ने सालों पहले वियर्ड पत्रिका के एक साक्षात्कार में कहा था कि उन्हें इसका डर नहीं क्यों कि ये उनके जीवनकाल में नहीं होगा.

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उनका कहना था कि एक बड़ी समस्या तब खड़ी हो जाएगी जब रोबोट अपना अधिकार मांगने लगेंगे.

रोबोट इंसान के बनाए नियम और क़ानून मानेंगे या नहीं यह अभी हमें नहीं पता, लेकिन जब तक आदमी इसे काम के लिए इस्तेमाल करेगा तब तक ख़ास नियम बनाए जाने ज़रूरी हैं.

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