'वाजपेयी बोले, गुजरात में हमसे ग़लती हुई'

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भारत की ख़ुफ़िया एजेंसी रॉ के पूर्व प्रमुख एएस दुलत ने कहा है कि गुजरात दंगों को तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने ग़लत बताया था.

'इंडिया टुडे टीवी' को दिए साक्षात्कार में दुलत ने दावा किया कि वाजपेयी ने दंगों के संदर्भ में कहा था कि 'हमसे ग़लती हुई है.'

दुलत ने बताया, "वर्ष 2004 के चुनाव में वाजपेयी की हार के बाद मैं उनसे मिलने पहुँचा था. हार पर बात करते हुए उन्होंने कहा था गुजरात में शायद हमसे ग़लती हो गई."

दुलत के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस प्रवक्ता डॉक्टर अजय कुमार ने कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी को अब गुजरात दंगों पर अपनी चुप्पी तोड़नी चाहिए और देश से माफ़ी मांगनी चाहिए.

कांग्रेस को जवाब देते हुए भाजपा के प्रवक्ता एमजे अकबर ने कहा, "ये सवाल अब पूरी तरह अप्रासंगिक है. दस साल से ज़्यादा की व्यापक जाँच के बाद सम्मानीय प्रधानमंत्री के ख़िलाफ़ कुछ भी नहीं मिला है. कांग्रेस को उनकी ईमानदारी पर सवाल उठाने के लिए माफ़ी माँगनी चाहिए."

अब्दुल्ला की नाराज़गी

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Image caption चरमपंथी भारत के विमान को अग़वा कर कंधार ले गए थे.

दुलत ने यह भी कहा कि वर्ष 1999 में एयर इंडिया विमान अपहरण कांड के दौरान जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री फ़ारूख अब्दुल्ला 'आतंकवादियों' को छोड़ने के फ़ैसले के ख़िलाफ़ थे. उन्होंने कहा कि एक बैठक के दौरान फ़ारूख़ अब्दुल्ला उन पर चीख पड़े थे.

वर्ष 2000 तक रॉ के प्रमुख और फिर कश्मीर मामलों पर प्रधानमंत्री वाजपेयी के सलाहकार रहे दुलत ने यह भी बताया कि अब्दु्ल्ला इतने नाराज़ थे कि इस्तीफ़ा तक देना चाहते थे.

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दुलत का कहना है कि विमान अपहरण कांड के समय क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप से बड़ी चूक हुई थी और विमान अमृतसर से उड़ गया था.

अब्दुल्ला को उपराष्ट्रपति का प्रस्ताव

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दुलत ने अपनी नई किताब 'कश्मीर - द वाजपेयी इयर्स' में यह भी लिखा है कि वर्ष 2002 में वाजपेयी ने फ़ारूख़ अब्दुल्ला को उपराष्ट्रपति बनाने का वादा किया था जो उन्होंने पूरा नहीं किया.

उन्होंने बताया कि वाजपेयी के मुख्य सचिव ब्रजेश मिश्रा ने उनके घर पर ही फ़ारूख़ अब्दुल्ला को यह प्रस्ताव दिया था और अब्दुल्ला इसके लिए तुरंत तैयार हो गए थे.

अब्दुल्ला ने इस बारे में तत्कालीन गृहमंत्री लालकृष्ण आडवाणी और प्रधानमंत्री वाजपेयी से भी बात की थी.

उन्होंने बताया कि फ़ारूख अब्दुल्ला हमेशा यह कहते थे कि दिल्ली उन पर विश्वास नहीं करती है.

कांग्रेस का मुख्यमंत्री

भारत की ख़ुफ़िया एजेंसी रॉ के पूर्व प्रमुख एएस दुलत ने दावा किया है कि वर्ष 2002 में अटल बिहारी वाजपेयी नहीं चाहते थे कि मुफ़्ती मोहम्मद सईद कश्मीर के मुख्यमंत्री बने और इसके लिए उन्होंने कांग्रेस को संदेश भी भेजा था कि कांग्रेस को अपना ही मुख्यमंत्री बनाना चाहिए.

हालांकि कांग्रेस ने मुफ़्ती को ही मुख्यमंत्री बनाया था.

वाजपेयी के मुफ़्ती विरोध की वजह बताते हुए उन्होंने कहा, "उन दिनों महबूबा मुफ़्ती के हिजबुल मुजाहिदीन से संबंध होने की कहानियां थीं और मुझे लगता है कि ये ग़लत नहीं थीं."

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