हाई कोर्ट किसी भी एजेंसी से जांच कराए: शिवराज

  • 5 जुलाई 2015
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मध्य प्रदेश सरकार व्यापमं मामले पर हाई कोर्ट की बनाई एसआईटी से सिफ़ारिश करेगी कि वह व्यापमं पर रिपोर्टिंग कर रहे इंडिया टुडे ग्रुप के पत्रकार अक्षय सिंह की मौत की जांच करे.

रविवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि व्यापमं से जुड़े हर मामले की जांच होगी. उन्होंने ये भी कहा कि हाई कोर्ट सीबीआई समेत किसी भी एजेंसी से जांच कराए, सरकार को कोई आपत्ति नहीं होगी.

व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) मध्य प्रदेश में प्री-मेडिकल, प्री-इंजीनियरिंग टेस्ट के साथ-साथ कई सरकारी नौकरियों के लिए परीक्षा कराता है. आरोप है कि इन परीक्षाओं में कई सालों तक जमकर भ्रष्टाचार हुआ.

हाई कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस चंद्रभूषण की अध्यक्षता में एसआईटी (विशेष जांच टीम) व्यापमं घोटाले की जांच कर रही है.

जस्टिस चंद्रभूषण ने इस मामले से जुड़े 30 से ज़्यादा लोगों की एक के बाद एक मौत होने की जानकारी दी है.

'पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफ़ी'

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इस कड़ी में पत्रकार अक्षय सिंह की मौत के बाद शिवराज सिंह सरकार ख़ासे दबाव में है.

पत्रकार अक्षय व्यापमं घोटाला कवर करने के लिए मध्य प्रदेश के झाबुआ गए हुए थे. जहां उनकी संदिग्ध हालत में मौत हो गई.

हालांकि मध्य प्रदेश पुलिस का कहना है कि अक्षय की तबीयत अचानक ख़राब होने के बाद उन्हें झाबुआ से करीब 45 किलोमीटर दूर गुजरात के दाहोद ले जाया गया था जहां उनकी मौत हुई.

शिवराज सिंह चौहान ने कहा, "पोस्टमार्टम डॉक्टरों की टीम ने किया, पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफ़ी की गई, अंतिम रिपोर्ट नहीं आई है. अंतिम रिपोर्ट आने के बाद जो भी तथ्य और कारण होंगे सामने आएंगे."

'सुप्रीम कोर्ट की देखरेख में हो जांच'

टीवी चैनलों के संपादकों की संस्था बीईए ने अक्षय की मौत की जांच सुप्रीम कोर्ट की देखरेख में किसी स्वतंत्र संस्था से कराने की मांग की है.

Image caption कांग्रेस पूरे मामले की स्वतंत्र जांच की मांग कर रही है.

इस बारे में चौहान ने कहा कि मामले की जांच हाईकोर्ट की देखरेख में हो रही है और हाईकोर्ट किसी भी एजेंसी से जांच कराए उन्हें आपत्ति नहीं है.

उन्होंने कहा, "कुछ लोगों की मृत्यु हुई है. हर एक मृत्यु दुखदायी है. हम चाहते हैं कि उन मौतों की भी जांच हो. जांच हाईकोर्ट की मॉनिटरिंग में हो रही है. एक फ़ैसला हाईकोर्ट ने दिया, सुप्रीम कोर्ट ने दिया. उस फ़ैसले के ख़िलाफ़ जाकर हम हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट से ऊपर नहीं हैं."

विपक्ष का आरोप है कि 156 से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है.

पिछले दिनों ही मामले के एक अभियुक्त नरेंद्र सिंह की मौत इंदौर जेल में हुई थी.

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