आईआईटी से निकाले गए छात्रों को राहत

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नैनीताल हाई कोर्ट ने आईआईटी रुड़की से निकाले गए छात्रों को बड़ी राहत दी है. ये छात्र अब बैक-परीक्षा में बैठ सकेंगे.

छात्रों का एक दल संस्थान से निकाले जाने के फ़ैसले के ख़िलाफ़ कोर्ट चला गया था.

छात्रों के मामले की कोर्ट में पैरवी कर रहे वकील संजय भट्ट ने बीबीसी को फोन पर बताया, "46 छात्रों की ओर से कोर्ट में अर्ज़ी दी गई थी. कोर्ट ने उनकी अर्ज़ी पर संज्ञान लेते हुए आईआईटी को निर्देश दिया कि सभी निष्काषित छात्रों को बैक-परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाए."

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बीटेक के इन छात्रों का पहले वर्ष के दोनों ही सेमेस्टर की परीक्षा में प्रदर्शन मानकों से कम रहा था. इसी आधार पर उन्हें संस्थान से निकाला गया था.

प्रदर्शन जारी

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क्या ये छात्र नए सत्र के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में भी भाग ले सकेंगे? इस सवाल पर कोर्ट ने आईआईटी रुड़की के वकील से जवाब तलब किया जिस पर कोर्ट को आश्वासन दिया गया है कि रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 23 जुलाई से की जा सकती है.

लेकिन इससे पहले आईआईटी रुड़की एक काउंटर जवाब 20 जुलाई को दाखिल करेगी. मामले की आखिरी सुनवाई 21 जुलाई को होगी और माना जा रहा है कि उसी दिन कोर्ट अपना फ़ैसला भी सुना सकता है.

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इस बीच रुड़की में आईआईटी परिसर में भाजपा और कांग्रेस से जुड़े छात्र-संगठनों का प्रदर्शन जारी है. इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हल्की झड़प भी हुई है.

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