नीति आयोग की बैठक: 8 अहम बातें

  • 15 जुलाई 2015
इमेज कॉपीरइट EPA

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने नीति आयोग की बैठक में हिस्सा न लेने वाले कांग्रेसी मुख्यमंत्रियों की कड़ी आलोचना की है.

बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में ये बैठक हुई, लेकिन इसमें कांग्रेस शासित राज्य के किसी मुख्यमंत्री ने हिस्सा नहीं लिया.

माना जा रहा है कि भूमि अधिग्रहण क़ानून को लेकर विरोध के चलते कांग्रेसी मुख्यमंत्री बैठक में नहीं आए.

बैठक के बाद वित्त मंत्री ने प्रेस कांफ्रेस कर बैठक के बार में जानकारी दी:

  1. जिन लोगों ने बैठक का बहिष्कार किया, उन्हें विचार करना चाहिए कि बैठक में हिस्सा न लेना सहयोगात्मक संघवाद या कोऑपरेटिव फ़ेडरलिज़्म की भावना के ख़िलाफ़ है.
  2. अगर केंद्र किसी विषय पर आम सहमति क़ायम कर सकता है तो फिर राज्यों को छूट दी जानी चाहिए कि वो भूमि अधिग्रहण को लेकर अपना क़ानून तैयार कर सकें.
  3. मुख्यमंत्रियों ने कहा कि वो आम सहमति के लिए अनिश्चित समय तक इंतज़ार नहीं कर सकते हैं.
  4. प्रधानमंत्री ने अंत में यही कहा कि राज्यों की चिंताओं का ध्यान रखा जाना चाहिए.
  5. आम तौर पर राय ये थी कि केंद्र को इस मुद्दे पर प्रयास कर आम सहमति क़ायम करनी चाहिए.
    इमेज कॉपीरइट PIB
  6. भूमि से जुड़ी चिंताओं के कारण राज्यों का विकास अटका हुआ है. बहुत से मुख्यमंत्रियों ने कहा कि भूमि अधिग्रहण को लागू करने में हो रही देरी से कई परियोजनाएं लटकी हुई हैं.
  7. विकास के लिए ज़मीन की ज़रूरत है; इस बारे में कोई दो राय नहीं थी.
  8. बहुत से राज्यों की साझा राय ये थी कि भूमि अधिग्रहण कानून में बदलावों की ज़रूरत है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

संबंधित समाचार