भारतीय कामगारों को 2 करोड़ डॉलर का हर्ज़ाना

  • 17 जुलाई 2015
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अमरीका की एक अदालत ने एक स्थानीय कंपनी को भारतीय कामगारों का शोषण करने का दोषी करार दिया और उन लोगों को दो करोड़ डॉलर का हर्ज़ाना देने का आदेश दिया.

अदालत के फ़ैसले के मुताबिक़, यह रक़म उन भारतीय कामगारों और मज़दूरों में बांटी जाएगी, जिन्हे न्यू ऑर्लियंस में तूफान 'कैटरीना' आने के बाद निर्माण कार्य के लिए भारत से अमरीका लाया गया था.

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कई कामगारों ने अमरीका में नौकरी दिलाने वाले एजेंट को पांच से दस लाख रूपए तक की फीस भी दी थी.

अमरीकी कंपनी सिगनल इंटरनेशनल ने इन कामगारों को रखा था. इन भारतीय कामगारों को सात साल की लंबी क़ानूनी लड़ाई के बाद हर्ज़ाने की रक़म मिलेगी.

ग़लतबयानी

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फ़ैसले के मुताबिक़, सिगनल इंटरनेशनल ने करीब 500 मजदूरों और कामगारों को साल 2006 में भारत से अमरीका लाने के लिए ग़लतबयानी की थी. उसने उन्हें 'ग्रीन कार्ड' यानी अमरीका में काम करने की अनुमति दिलाने का लालच दिया था. लेकिन एक बार अमरीका पहुंच जाने के बाद उनसे अस्थायी मज़दूरों की तरह काम कराया गया.

इन मज़दूरों को छोटे-छोटे कमरों में एक साथ रखा गया और उन्हें कम पैसों पर काम करवाया गया. कमरे के किराए के लिए हर एक कामगार से हर महीने 1,000 डॉलर भी लिए जाते थे. इन कामगारों को ख़राब खाना दिया जाता था.

कामगारों का शोषण

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इसके अलावा अस्थायी वीज़ा पर लाए गए इन कामगारों को अमरीकी क़ानून के तहत नौकरी छोड़ने की भी इजाज़त नहीं थी.

अगर कोई विरोध करने की कोशिश करता तो उसे कंपनी के सुरक्षा गार्ड डराते धमकाते थे.

अमरीकी गैर सरकारी संस्था 'सदर्न पावर्टी लॉ सेंटर' ने साल 2008 में इन मज़दूरों की ओर से अदालत में मुकदमे दायर किए.

इस फैसले पर खुशी जताते हुए संस्था के वकील डेनियल वर्नर ने बीबीसी हिंदी से कहा,"यह एक बहुत ही अच्छी जीत है, एक बेहतरीन नतीजा है, खासकर हमारे क्लाइंट्स के लिए जिन्होंने 7 साल तक जद्दोजहद की."

'हर्ज़ाने से संतुष्ट'

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वकील डेनियल वर्नर कहते हैं कि कामगार 2 करोड़ डॉलर की रकम के हर्ज़ाने से संतुष्ट हैं. वह कहते हैं, "कंपनी ने दिवालिया होने का एलान किया है. लिहाज़ा, हम दो करोड़ डॉलर के हर्ज़ाने से संतुष्ट हैं. अब हमारे क्लाइंट को ये पैसे मिलेंगे, जिससे वे अपनी ज़िंदगी बेहतर बना सकेंगे."

वकील डेनियल वर्नर ने बताया कि कई मामले अदालत में रुके पड़े हैं, इसलिए अभी ये कामगार अमरीका में ही रहेंगे.

सिगनल कंपनी ने अब हर्ज़ाना देने क साथ साथ इन मज़दूरों से क्षमा मांगने की भी पेशकश की है.

इससे पहले इसी साल फरवरी में लुइज़ियाना राज्य की एक अदालत ने इन्हीं में से 5 मज़दूरों को एक मामले में क़रीब डेढ़ करोड़ डॉलर हर्जाना दिए जाने का फैसला सुनाया था.

अभी इन मज़दूरों से जुड़े दूसरे नौ मामले अदालत में हैं, जिनमें एक में टेक्सस प्रांत में जल्द ही पेशी भी होने वाली है.

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