सैयद अली गिलानी को मिल गया पासपोर्ट

geelani, kashmir

भारत प्रशासित कश्मीर में सक्रिय हुर्रियत कॉन्फ़्रेंस के नेता सैयद अली गिलानी को सरकार ने पासपोर्ट जारी कर दिया है.

लेकिन ये पासपोर्ट सिर्फ़ नौ महीने के लिए दिया गया है.

अधिकारियों का कहना है कि ये निर्णय गिलानी के उस अनुरोध के जवाब में लिया गया, जिसमें उन्होंने सऊदी अरब में रह रहीं अपनी बीमार बेटी को देखने की इच्छा प्रकट की थी.

गिलानी के पासपोर्ट को लेकर भाजपा ने कड़ी प्रतिक्रिया जताई थी. पिछली बार जब उन्हें पासपोर्ट देने का मामला सामने आया, तो राष्ट्रीयता को लेकर गिलानी के बयान पर भाजपा ने कड़ी आपत्ति जताई थी.

दरार

इमेज कॉपीरइट BBC World Service

इस मुद्दे पर सत्ताधारी गठबंधन पीडीपी और भाजपा में दरार देखी गई थी. उस समय अपने पासपोर्ट के आवेदन फ़ॉर्म में गिलानी ने राष्ट्रीयता का कॉलम ख़ाली छोड़ दिया था.

बाद में उनका आवेदन रद्द कर दिया गया. गिलानी ने आरोप लगाया कि मानवीयता के आधार पर उन्हें सऊदी अरब जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है.

लेकिन अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि उनका आवेदन फ़ॉर्म अधूरा है. उसके बाद गिलानी ने फॉर्म में राष्ट्रीयता भारतीय लिखी.

हालाँकि गिलानी ने ये भी कहा कि वे दिल से भारतीय नहीं है मजबूरन उन्हें ऐसा लिखना पड़ा है.

भाजपा की कश्मीर इकाई ने पहले ये कहा था कि गिलानी को देश से बाहर यात्रा करने की इजाज़त तभी मिलनी चाहिए जब वो पाकिस्तान के समर्थन में बोलना बंद करें.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार