भाजपा का पलटवार, अब वीरभद्र को 'घेरा'

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भ्रष्टाचार के मुद्दे पर घिरी भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पर पलवार किया है.

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के निजी सचिव का स्टिंग जारी करने के एक दिन बाद पार्टी ने हिमाचल के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पर एक निजी कंपनी से रिश्वत लेने का आरोप लगाया है.

केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने वीरभद्र पर दिल्ली के महरौली में एक फॉर्म हाउस ख़रीदने के लिए एक निजी फ़र्म से 'रिश्वत लेने' का आरोप लगाया है.

हालांकि वीरभद्र ने इससे इनकार किया है.

'पाई-पाई चुकाई'

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने दिल्ली में एक प्रेस कांफ्रेंस में वही आरोप लगाए जो 2012 में विधानसभा चुनावों के दौरान प्रदेश भाजपा ने लगाए थे.

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उन्होंने इस मामले में जांच के दस्तावेज़ों के हवाले से दावा किया कि आरोप 'साबित' हो चुके हैं इसलिए मुख्यमंत्री वीरभद्र को इस्तीफ़ा देना चाहिए.

लेकिन वीरभद्र सिंह ने शिमला में कहा कि उनके ऊपर लगाए गए भाजपा के आरोप 'राजनीति प्रेरित और झूठे हैं'.

उन्होंने कहा, "मैं यह आरोप पिछले दो साल से सुन रहा हूं. सारे मामले अदालत में हैं. पहले मेरे ख़िलाफ़ एक सीबीआई जांच बिठाई गई थी और एजेंसी ने मुझे क्लीन चिट देते हुए कहा था कि उसे कोई आपराधिक कृत्य नहीं मिला है. अब फिर एक सीबीआई जांच मेरे ख़िलाफ़ बिठाई जा रही है".

"मैं किसी भी जांच के लिए तैयार हूं. ज़्यादातर मामले मेरी और मेरे परिवार की इनकम टैक्स रिटर्न से संबंधित हैं. मैं इसका भुगतान चेक से करता हूं और एक-एक पाई, ब्याज समेत चुका दी है".

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प्रसाद ने आरोप लगाया कि वीरभद्र ने जल ऊर्जा कंपनी वेंचर एनर्जी एंड टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड से राज्य में रद्द इसकी परियोजनाओं को फिर से शुरू करने के लिए रिश्वत ली.

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