याक़ूब बच सकते हैं?

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Image caption मुंबई धमाकों के दोषी याक़ूब मेमन ने भी राज्यपाल के समक्ष क्षमा याचना दायर की है.

मुंबई धमाकों के दोषी याक़ूब मेमन ने महाराष्ट्र के राज्यपाल के समक्ष क्षमा याचना दायर की है.

राज्यपाल के पास अभियुक्त को क्षमादान देने का अधिकार होता है.

पहले कई ऐसे मामले हुए हैं जिनमें राज्यपाल ने अपने अधिकार का इस्तेमाल किया है. इससे जुड़े दो बेहद चर्चित मामले हैं.

ये दोनों क़त्ल के मामले थे जिसमें दोषियों को आजीवन कारावास की सज़ा हुई थी.

कवास मानेकशॉ नानावटी

भारतीय नौसेना के अधिकारी कवास मानेकशॉ नानावटी ने 1959 में अपनी पत्नी सिलविया के प्रेमी प्रेम अहुजा की हत्या कर दी थी.

नानावटी ने बाद में ख़ुद को पुलिस के हवाले कर दिया था.

मीडिया में बेहद चर्चित रहे इस मामले में ग्रेटर बांबे सत्र न्यायालय ने नानावटी को क़त्ल के आरोप का दोषी नहीं माना था.

मामले की हाई कोर्ट में दोबारा सुनवाई हुई और नानावटी को उम्रक़ैद की सज़ा सुनाई गई.

सुप्रीम कोर्ट ने भी नानावटी की सज़ा को बरक़रार रखा.

लेकिन तीन साल बाद 1962 में महाराष्ट्र की तत्कालीन राज्यपाल और तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की बहन विजयलक्ष्मी पंडित ने नानावटी को क्षमादान दे दिया और वो जेल से बाहर आ गए.

नानावटी अपनी पत्नी और बच्चों के साथ कनाडा चले गए थे जहाँ 2003 में उनकी मौत हो गई.

Image caption याक़ूब मेमन को फाँसी की सज़ा दी गई है और उन्हें फाँसी पर चढ़ाया जा सकता है.

शमीम रहमानी

दूसरा बेहद चर्चित मामला लखनऊ की शमीम रहमानी का है जिन्होंने अपने शादीशुदा प्रेमी डॉक्टर हरिओम गौतम की जुलाई 1968 में गोली मारकर हत्या कर दी थी.

अदालत ने शमीम रहमानी को दोषी क़रार देते हुए उम्रक़ैद की सज़ा दी थी.

1975 में भारत के सुप्रीम कोर्ट ने भी शमीम की सज़ा को बरक़रार रखा था.

शमीम ने उत्तर प्रदेश के राज्यपाल के समक्ष क्षमा याचना दायर की थी जिसे राज्यपाल चेन्ना रेड्डी ने स्वीकार कर लिया और शमीम रहमानी जेल के बाहर आ गईं थीं.

सुप्रीम कोर्ट के मशहूर वकील केटीएस तुलसी ने बीबीसी से एक इंटरव्यू में कहा कि जिस राज्य की अदालत ने मौत की सज़ा दी है वहाँ के राज्यपाल के पास दोषी को माफ़ी देने का क़ानूनी अधिकार होता है.

याक़ूब मेनन

याक़ूब मेनन को निचली अदालत से मिली मौत की सज़ा को सुप्रीम कोर्ट ने बरक़रार रखा था. राष्ट्रपति ने भी उनकी दया याचिका को ख़ारिज कर दिया था. अब उन्होंने महाराष्ट्र के गवर्नर के पास एक याचिका भेजी है.

मेनन को मुंबई हमलों के सिलसिले में सज़ा सुनाई गई.

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