पूर्व सैनिकों की मांग के समर्थन में अन्ना

  • 26 जुलाई 2015
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सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हज़ारे ने रविवार को भारत के पूर्व सैनिकों के विरोध-प्रदर्शन में पहुंचकर उनकी वन रैंक वन पेंशन की मांग का समर्थन किया.

दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे पूर्व सैनिक मांग कर रहे हैं कि केंद्र सरकार वन रैंक वन पेंशन योजना लागू करे.

अन्ना हजारे ने कहा कि वो 2 अक्तूबर से पूर्व सैनिकों की मांग के समर्थन में दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रदर्शन करेंगे.

उन्होंने कहा, ''कई युद्ध विधवाएं यहां हैं. उन्हें 4000 रुपये की पेंशन मिलती है. आज के समय में वो कैसे परिवार चलाएंगी?''

अन्ना ने आगे कहा, ''सरकार को वन रैंक वन पेंशन पर अपने वादे से पीछे नहीं हटना चाहिए.''

'पेचीदा मसला'

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पूर्व सैनिकों का कहना है कि वो जल्दी सेवानिवृत्त हो जाते हैं. लेकिन उसी पद से बाद में रिटायर होने वाले व्यक्ति की पेंशन कहीं ज़्यादा होती है और ये उनके साथ अन्याय है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 'मन की बात' में कहा था कि वो ये वादा ज़रूर पूरा करेंगे लेकिन पेचीदा मसला होने की वजह से इसे सुलझाने में थोड़ा समय लगेगा.

पूर्व सैनिकों को 'वन रैंक वन पेंशन' का मुद्दा भारतीय जनता पार्टी के लोकसभा चुनावों के घोषणापत्र में भी प्रमुखता के साथ रखा गया था.

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