'मोदी गरीबों के लिए कुछ करेंगे तब समझ में आएगा'

  • 26 जुलाई 2015
भाजपा की रैली
Image caption नरेंद्र मोदी ने शनिवार को मुज़फ़्फ़रपुर में रैली की थी.

बिहार के मुज़फ़्फ़रपुर के चक्कर मैदान में हुई रैली का सबसे बड़ा आकर्षण रहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण.

इस रैली के बहाने ही नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बनने के बाद पहली बार बिहार आए.

आगामी बिहार विधानसभा चुनाव के लिए एनडीए ने अपने प्रचार अभियान का शुरुआत 16 जुलाई को ही कर दी थी लेकिन परिवर्तन रैली को ही इसकी असल शुरुआत माना जा रहा है.

इस रैली में हर वर्ग के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए.

बीबीसी ने उनमें से कुछ से बात-चीत कर जाना कि प्रधानमंत्री के भाषण ने उनमें बदलाव की कितनी उम्मीद पैदा की.

बिनोद कुमार गुप्ता, अतरक, मुज़फ़्फ़रपुर

पब्लिक को चार-पांच ‘आइटम’ चाहिए. किसान को पानी और खाद, हरेक को मेडिकल, बिजली और रास्ता, युवाओं को शिक्षा और रोजगार चाहिए.

इनमें से कुछ पूरा करने का वादा नरेंद्र मोदी ने किया है. लेकिन बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने का वादा अधूरा रह गया.

साथ ही उन्होंने बिहार में ज्यादा स्मार्ट सिटी बनने का भी कोई वादा नहीं किया.

रोहित कुमार, सरैया

प्रधानमंत्री ने रोजगार के लिए स्क्लि डेवलपमेंट की बात कही है. उन्होंने कहा कि इसके लिए बिहार में खास तवज्जो दी जाएगी. उन्होंने बिहार में बंद पड़े कारखानों को भी खोलने की बात कही है.

अगर वो ऐसा करेंगे तो सूबे में रोजगार की संभावना बढ़ेगी. हमें बिहार से बाहर नहीं जाना पड़ेगा. साथ ही उनका 24 घंटे बिजली देने का वादा अगर पूरा हुआ तो हमें पढ़ने-लिखने में बहुत सुविधा होगी.

आजकल पढ़ाई में लैपटॉप, मोबाइल का ज़रुरत बहुत बढ़ गई है और इसके लिए बिजली जरुरी है.

लेकिन शिक्षा व्यवस्था सुधारने को लेकर उन्होंने कुछ नहीं कहा. इससे थोड़ी निराशा भी हुई.

गिरिजा देवी, चकिया, मोतिहारी

सारा गांव मोदी जी को सुनने आया तो हम भी आ गए. नरेंद्र मोदी ने जो कहा है वो सही ही कहा है. उनकी गरीबी मिटाने, गरीबों की रक्षा करने की बातें अच्छी लगीं.

अब आगे चल के वे गरीबों के लिए कुछ करेंगे, देंगे तब समझ में आएगा. उन्होंने महिलाओं के लिए कुछ खास नहीं कहा.

चंद्रकिशोर मिश्र, रुन्नी-सैदपुर, सीतामढ़ी

परिवर्तन जरुरी है. लोगों को रोजगार, बिजली, पानी चाहिए. नरेंद्र मोदी ये सब पूरा करने की उम्मीद जगाते हैं. बिहार को उन्होंने बीते करीब सवा साल में जितना दिया है उससे भी उनको लेकर उम्मीद बढ़ी है.

अपने भाषण में भी उन्होंने बहुत कुछ देने का वादा किया. एक बात यह भी कि केंद्र और राज्य में एक ही पार्टी या गठबंधन की सरकार रहती है तो राज्य के विकास के लिए ज्यादा अच्छा रहता है. नरेंद्र मोदी ने भी कुछ ऐसी ही बात कही.

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