कर्नाटक लोकायुक्त का बेटा गिरफ़्तार

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Image caption कर्नाटक के लोकायुक्त के इस्तीफ़े की मांग की जा रही है.

कर्नाटक के लोकायुक्त जस्टिस भास्कर राव के बेटे वाई अश्विन राव को विशेष जाँच टीम ने जबरन वसूली का एक गिरोह चलाने के आरोप में हैदराबाद से गिरफ़्तार कर लिया है.

अश्विन कथित रूप से बंगलौर में स्थित लोकायुक्त के आवास और कार्यालय से ही यह वसूली गिरोह चलाया करते थे.

सरकारी वकील रमेश बाबू ने कहा, "हमें पता चला है कि अश्विन को गिरफ़्तार कर लिया गया है और उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा."

अश्विन लोकायुक्त के कार्यालय से अधिकारियों को फ़ोन कर कहते थे कि उनकी संपत्ति आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक है इसलिए उन पर लोकायुक्त का छापा पड़ सकता है. इस धमकी के बाद वह अधिकारियों से वसूली करते थे.

एसआईटी का गठन

यह मामला प्रकाश में तब आया जब बंगलौर ज़िला पंचायत के लोक निर्माण विभाग के एक एक्ज़ीक्यूटिव इंजीनियर ने लोकायुक्त कार्यालय में एसपी स्तर के एक अधिकारी को शिकायत की कि उनके ख़िलाफ़ भ्रष्टाचार के आरोपों की कथित जांच को रोकने के लिए उनसे एक करोड़ रुपए की रिश्वत मांगी गई है.

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Image caption रविवार को गिरफ़्तार कर्नाटक लोकायुक्त कार्यालय के पब्लिक रिलेशन ऑफ़िसर, सैयद रियाज़ को सोमवार को अदालत में पेश किया गया.

एसआईटी ने रविवार को सह-आयुक्त स्तर के एक पब्लिक रिलेशन ऑफ़िसर, सैयद रियाज़ को भी गिरफ़्तार किया. उनके कार्यालय को शनिवार को सील कर दिया गया था. उनके कार्यालय से ही कथित रूप से यह गिरोह संचालित किया जाता था.

इस एसआईटी का गठन तब किया गया था जब जस्टिस भास्कर राव के इस्तीफ़े की मांग उठी थी.

जस्टिस राव ने राज्य सरकार से तब एसआईटी जांच गठित करने का आग्रह किया था जब सिटी क्राइम ब्रांच ने उनकी जांच करने की क्षमता पर सवाल उठाए थे क्योंकि लोकायुक्त के ससुर के खिलाफ़ जांच चल रही थी.

जब सरकार को यह अहसास हुआ कि उसके लिए लोकायुक्त को हटाना संभव नहीं है तो लोकायुक्त को हटाने की शक्ति राज्य विधानसभा को देने के लिए लोकायुक्त कानून में संशोधन लाया गया.

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