'कलाम को श्रद्धांजलि स्वरूप माफ़ करें प्रणब'

  • 29 जुलाई 2015
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याक़ूब मेमन की फांसी पर राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं बंटी हुई हैं. भाजपा और शिवसेना जैसे उसके सहयोगी दल सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले का स्वागत करते हुए मेमन को जल्द से जल्द फांसी दिए जाने की वकालत कर रहे हैं. लेकिन कांग्रेसी नेताओं की प्रतिक्रिया बहुत संभल कर आ रही है.

कांग्रेस के मणिशंकर अय्यर और सीपीआई(एम) की वृंदा करात का कहना था कि सुप्रीम कोर्ट का ये फ़ैसला अंतिम नहीं है.

उन्होंने राष्ट्रपति को जो हस्ताक्षरित दया याचिका भेजी है, अभी उस पर राष्ट्रपति के फ़ैसले का उन्हें इंतज़ार है.

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Image caption कुछ को अब भी राष्ट्रपति से सकारात्मक जवाब की उम्मीद है.

कांग्रेस नेता पीएल पूनिया ने कहा कि इस केस को राजनीतिक रंग देना ठीक नहीं. क्योंकि किसी भी अदालत या जांच में शामिल कोई भी व्यक्ति किसी भी राजनीतिक पार्टी से संबंध नहीं रखता.

'आंशिक न्याय'

लेकिन कांग्रेस के ही रणदीप सुरजेवाला ने बहुत ही साफ़ शब्दों में कहा कि कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट के इस फ़ैसले का स्वागत करती है लेकिन उनके अनुसार अभी आँशिक रूप से न्याय हुआ है.

सुरजेवाला ने कहा कि मुंबई बम कांड में न्याय पूरा तभी होगा जब टाइगर मेमन को पकड़ा जाएगा.

शिवसेना के संजय राउत ने कहा कि उन्हें इस फ़ैसले से बहुत ख़ुशी हुई है.

Image caption मणिशंकर अय्यर

'दया याचिका स्वीकार करें'

वहीं पश्चिम बंगाल के पूर्व गवर्नर और महात्मा गांधी के पोते गोपालकृष्ण गांधी ने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति कलाम को श्रद्धांजलि स्वरूप राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को याक़ूब मेमन की दया याचिका स्वीकार कर लेनी चाहिए.

ऑल इंडिया मजलिसे इताहादुल मुसलिमीन के असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि वे इस फ़ैसले से ख़ुश नहीं हैं और उनका अब भी ये मानना है कि याक़ूब को फांसी इसलिए दी जा रही है क्योंकि उनके पीछे कोई राजनीतिक पार्टी नहीं है.

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