'बलात्कार पीड़िता का गर्भपात हो सकता है'

Image caption पीड़ता को बलात्कार के बाद गर्भ ठहर गया लेकिन हाईकोर्ट ने गर्भपात की इजाज़त नहीं दी.

पांच डॉक्टरों की एक टीम ने कहा है कि गुजरात की बलात्कार पीड़िता के छह माह केे भ्रूण का गर्भपात किया जा सकता है.

ये ख़बर समाचार एजेंसी पीटीआई ने सिविल अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट के हवाले से दी है.

डॉक्टरों की टीम सु्प्रीम कोर्ट के हुक्म पर तैयार की गई थी. कोर्ट ने ये फ़ैसला बलात्कार पीड़िता की अर्ज़ी सुनते हुए दी थी जिसमें ये मांग की गई थी कि उसे गर्भपात की इजाज़त दी जाए हालांकि उसका भूर्ण 24-सप्ताह का हो चुका है.

हाईकोर्ट ने किया था मना

गर्भपात के नियम के मुताबिक़ कोई महिला गर्भ धारण करने के पहले 12 सप्ताह तक ही गर्भपात करवा सकती है. 12 से 20 हफ़्ते के बीच गर्भपात तभी किया जा सकता है जब गर्भ से मां या पैदा होने वाले बच्चे की जान या स्वास्थ्य को बहुत बड़ा ख़तरा हो.

गुजरात से तालुक्क़ रखनेवाली लड़की के साथ उसके चिकित्सक ने बलात्कार किया था और उसे गर्भ ठहर गया था. जब वो गर्भपात की इजाज़त के लिए हाई कोर्ट गई तो अदालत ने उसे इसकी इजाज़त देने से मना कर दिया.

इसके बाद उसने सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया जिसने पिछले सप्ताह मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि अगर डॉक्टरों को लगता है कि ये संभव है, और लड़की और उसके परिवार वाले इसके लिए तैयार होते हैं तो उसका गर्भपात करवाया जा सकता है.

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