पहला मोबाइल कॉल, ज्योति बसु टू सुखराम

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भारत में मोबाइल सेवा की शुरुआत आज से ठीक 20 साल पहले हुई थी जिसने मु्ल्क में एक क्रांति की शक्ल ले ली है.

31 जुलाई 1995 को भारत में पहली बार मोबाइल से कॉल की गई थी.

पश्चिम बंगाल के तत्कालीन मुख्यमंत्री ज्योति बसु ने कोलकाता से पहली मोबाइल कॉल तत्कालीन केंद्रीय संचार मंत्री सुखराम को की थी.

मोबाइल सेवा देने वाली कंपनी थी मोदी टेल्स्ट्रा और सेवा का नाम था मोबाइलनेट.

आउटगोइंग का भी पैसा

शुरूआती दौर में आउटगोइंग के साथ-साथ इनकमिंग कॉल के लिए भी पैसे देने होते थे.

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इन 20 सालों में मोबाइल ने लोगों की दुनिया ही बदल दी है. अब गांव हो या शहर, कहीं पर भी मोबाइल के बिना जीवन की कल्पना करना मुश्किल है.

अनुमान के मुताबिक भारत में मोबाइल ग्राहकों की संख्या करीब 93 करोड़ के लगभग है. मोबाइल फ़ोन सेवा शुरु होने के बाद 10 लाख ग्राहक जुटने में कोई पाँच साल का समय लगा लेकिन इसके बाद ग्राहकों की संख्या कई गुना तेज़ गति से बढ़ी है.

दिलचस्प यादें

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बीबीसी हिंदी ने मोबाइल की इस 20 साल की यात्रा पर पाठकों से फ़ेसबुक पर अपनी राय साझा करने के लिए कहा और कई पाठकों रोचक बातें लिखीं.

एक पाठक अनमोल त्यागी लिखते हैं, “1998 में अल्काटेल से घर के लैंडलाइन फोन पर कॉल की थी और तब आउटगोइंग थी 8 रुपए प्रति मिनट.”

एक और पाठक महफ़ूज़ ख़ान लिखते हैं, “1999 की बात है तब ऊषा फोन के नेटवर्क से पहला कॉल किया था.”

प्रदीप स्वर्णकार ने लिखा है, “मेरी मां के पास नोकिया का यही फोन था और हम लोग उसे छूने से भी डरते थे.”

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