'सुविधाओं के लिए किया भारत का रुख'

  • 1 अगस्त 2015
भारत बांग्लादेश सीमा पर लगा बोर्ड इमेज कॉपीरइट Getty

भारत और बांग्लादेश के बीच हुए सीमा समझौते के तहत भारत आने वालों की संख्या के मुक़ाबले बांग्लादेश जाने वालों की संख्या बेहद कम है.

पश्चिम बंगाल के कूचबिहार ज़िले के डीएम पी उलगनाथन का कहना है कि भारत आने वालों को लगता है कि उन्हें यहां बेहतर और ज़्यादा सुविधाएं मिलेंगी. नतीजतन, भारत आने से भविष्य में उन्हें लाभ होगा.

फ़ायदा

वहीं, यहां से बांग्लादेश न जाने वाले लोग सोचते हैं कि वहां जाने पर उन्हें बेहतर सुविधाएं नहीं मिलेंगी. इसलिए वो यहीं रहना चाहते हैं.

डीएम पी उलगनाथन कहते हैं, "सिस्टम के अंदर रह कर कितना फ़ायदा लिया जा सकता है, लोग इसी आधार पर फ़ैसला कर रहे हैं."

भारत और बांग्लादेश के बीच सीमा समझौता शुक्रवार रात लागू हुआ. इसके तहत भारत में मौजूद 111 सीमांत एनक्लेव बांग्लादेश में चले गए और बांग्लादेश के 51 एनक्लेव भारत का हिस्सा बन गए.

जश्न

इमेज कॉपीरइट Sazzad ur rahman

डीएम उलगनाथन ने बताया कि समझौते से लोग काफ़ी खुश हैं. उन्हें दशकों बाद नागरिकता मिलेगी. इसे लेकर लोग जश्न मना रहे हैं.

डीएम ने बताया कि भारत आने वालों के लिए शुरु में राहत और पुनर्वास कार्यक्रम चलाया जाएगा. उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ भी मिलेगा.

उन्होंने बताया कि जो लोग स्थाई तौर पर कहीं बसना चाहेंगे, ज़िला प्रशासन उनकी मदद करेगा.

चुनौती

जिला प्रशासन की चुनौतियों की बात करते हुए उलगनाथन ने बताया कि यहां रहने वाले बांग्लादेशी नागरिक अब भारत के नागरिक हो गए हैं.

ज़िला प्रशासन को उनके लिए सब कुछ बुनियाद से शुरु करना होगा. उनके लिए ज़मीन ठीक करने से लेकर ग्राम पंचायत और ब्लॉक तय करने का काम करना होगा.

उलगनाथन ने बताया कि जिला प्रशासन इस काम को क़दम दर क़दम करेगा.

डीएम ने कहा कि इस ऐतिहासिक घटना का हिस्सा बनकर उन्हें काफी अच्छा लग रहा है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार