'57 अग़वा पंजाबी नागरिकों का क्या हुआ?'

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कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने शनिवार को मोदी सरकार पर यह कहकर निशाना साधा कि भारत क्या लीबिया में इस्लामिक स्टेट के साथ 'बिज़नेस कर रहा है.'

लीबिया में अग़वा 2 भारतीय रिहा

पूर्व सूचना एवं प्रसारण मंत्री ने अपने ट्वीट में कहा, ''ख़ुशी है कि लीबिया के सिर्त में दो भारतीयों को रिहा कर दिया गया. बाक़ी के लिए प्रार्थना कर रहा हूं. सवाल ये है कि चूंकि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज इसका श्रेय ले रही हैं - क्या लीबिया में भारत आईएस के साथ बिज़नेस कर रहा है.''

फिर दोहराई गई वही कहानी

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एक अन्य ट्वीट में मनीष तिवारी ने कहा, ''ऐसा लगता है कि विदेश मंत्री लीबिया में आईएस के साथ हॉटलाइन से सम्पर्क में हैं. लेकिन पंजाब के 57 लोगों का क्या हुआ. वो जीवित हैं या मर गए.''

इराक़ में लापता हुए पंजाब के बेटे

इसी साल अप्रैल में ख़बरें आई थीं कि इराक़ में पंजाब के कई नौजवान फंसे हुए हैं.

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तब भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने कहा था कि पंजाब के इन युवकों के मौजूदा ठिकाने के बारे में पुख़्ता जानकारी की कमी है, लेकिन उनका पता लगाने की कोशिश की जा रही है.

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Image caption इराक़ में लापता मनजिंदर सिंह की माँ सुखविंदर और बहन गुरपिंदर (दाएँ).

लीबिया के सिर्त शहर से गुरुवार को चार भारतीयों को अगवा किया गया था. भारतीय विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा था कि उनमें से दो को रिहा करा लिया गया है.

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खुद को इस्लामिक स्टेट कहने वाले संगठन से जुड़े चरमपंथियों की मौजूदगी सिर्त में है जो लीबिया के पूर्व नेता कर्नल गद्दाफ़ी का गृह नगर है. सिर्त का ज़्यादातर हिस्सा आईएस के कब्ज़े में है.

मनीष तिवारी के ट्वीट की भारतीय जनता पार्टी ने आलोचना की है.

भाजपा प्रवक्ता नलिन कोहनी ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, ''इस तरह की चुभती भाषा बोलने का तरीका आमतौर पर पाकिस्तान में देखा जाता है. मुझे हैरानी है कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता इस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं.''

नलिन कोहली ने कहा, ''एक तरफ़ तो आप दो भारतीयों की रिहाई पर ख़ुशी जता रहे हैं और दूसरी तरफ़ सरकार पर ही सवाल उठा रहे हैं जिसने उन्हें रिहा कराया है.''

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