बाढ़ से लाखों प्रभावित, चार राज्यों में तबाही

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भारत के पश्चिम बंगाल, ओडीशा, गुजरात और मणिपुर में भारी बारिश के कारण कई इलाकों में बाढ़ आ गई है. लाखों लोग बेघर हो गए हैं.

बंगाल में 39 लोग मारे गए हैं और 1.19 लाख लोग विस्थापित हुए हैं जबकि ओडीशा में पांच के मरने और पांच लाख के प्रभावित होने की ख़बर है.

गुजरात में बाढ़ के कारण मरने वालों की संख्या 53 हो गई है और मणिपुर में भूस्खलन के कारण हाल में 20 लोग मारे गए.

मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 48 घंटों में देश के कई इलाक़ों में भारी बारिश हो सकती है.

पश्चिम बंगाल

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पत्रकारों को बताया, "राज्य में 12 ज़िले प्रभावित हैं और एक लाख 19 हज़ार लोगों ने राहत शिविरों में शरण ली है. अब तक 39 लोग मारे गए हैं. राज्य में 966 राहत शिविर लगाए गए हैं और 124 मेडिकल कैंप लगाए गए हैं.''

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इस मौक़े पर उन्होंने केंद्र सरकार की भी आलोचना की है. एक पत्रकार ने जब उनसे केंद्र से मदद मांगने के बारे में सवाल पूछा तो वे बोलीं, ''केंद्र ने दार्जीलिंग भू-स्खलन के समय कोई मदद की?''

मौसम विभाग का अनुमान है कि पश्चिम बंगाल में अगले दो दिनों में भारी बारिश जारी रहेगी.

गुजरात

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Image caption कई ज़िले प्रभावित

अहमदाबाद से पत्रकार अंकुर जैन के अनुसार उत्तरी गुजरात में बाढ़ और भारी बारिश से मरने वालों की संख्या बढ़कर 53 हो गई है. राज्य आपातकाल कंट्रोल रूम के अधिकारियों के अनुसार सबसे ज़्यादा प्रभावित बनासकांठा ज़िले में 28 लोग मारे गए हैं.

एनडीआरएफ़, बीएसएफ़, और राज्य रिज़र्व पुलिस की 14 टीमों के अलावा वायुसेना के पांच हेलिकॉप्टर राहत और बचाव कार्यों में लगे हुए हैं. पिछले एक सप्ताह से गुजरात के कई इलाक़ों में भारी बारिश हो रही है.

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कई गांव अब भी पूरी तरह डूबे हुए हैं और दूसरे हिस्सों से उनका संपर्क टूटा हुआ है.

झारखंड

रांची से पत्रकार नीरज सिन्हा के अनुसार बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवाती तूफ़ान 'कोमेन' झारखंड में भी तबाही मचा रहा है. पिछले 48 घंटों में बिजली गिरने, कच्चे मकान ढहने और नदियों में बहने से चार लोगों के मरने की ख़बर है.

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क़स्बाई इलाक़ों में कई तटबंध और पुलिया के टूट जाने से दर्जनों गांवों का संपर्क टूट गया है.

राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने पूरे झारखंड में अलर्ट जारी किया है. आपदा कंट्रोल रूम के कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं.

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मौसम विभाग के अनुसार सिर्फ़ एक दिन में अलग-अलग जगहों मे 127 -185 मिलीमीटर बारिश हुई.

राज्य की कई नदियां और डैम उफ़ान पर हैं. ख़तरे को टालने के लिए दुमका में मसानजोर डैम के फाटक खोले गए हैं. पाइप लाइन बह जाने से दुमका शहर में जलापूर्ति व्यवस्था ठप है.

ओडिशा

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भुवनेश्वर से पत्रकार संदीप साहू के अनुसार ओडिशा में बाढ़ की स्थिति में सुधार आया है, लेकिन समुद्री तूफ़ान 'कोमेन' के कारण पड़ोसी पश्चिम बंगाल में हुई भारी बारिश के बाद ख़ासा पानी राज्य की सीमा में घुसा है और बालेश्वर ज़िले में 10 गावं पानी से डूब गए हैं.

विशेष राहत आयुक्त जीवीवी सरमा के अनुसार पांच उत्तरी ज़िलों में बाढ़ के कारण अब तक पांच लोगों की जान गई है, जिनमें चार की मृत्यु डूबने के कारण हुई है और एक सांप के काटने से.

सरमा ने बताया क़ि बाढ़ से पांच ज़िलों के 597 गावं के लगभग पांच लाख लोग प्रभावित हैं, लेकिन स्थति अब सुधर रही है. उत्तरी ओडिशा की सभी प्रमुख नदियों - स्वर्णरेखा, बुढ़ाबलंग, ब्राह्मणी और बैतरणी - में पानी अब ख़तरे के निशान से नीचे बह रहा है.

मणिपुर

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पूर्वोत्तर भारत के मणिपुर राज्य में मूसलाधार बारिश की वजह से भूस्खलन हुआ है जिससे कम से कम 20 लोग मारे गए हैं.

गुवाहाटी से स्थानीय पत्रकार दिलीप कुमार शर्मा के मुताबिक, चंदेल जिला उपायुक्त रॉबर्ट खेत्रीमायुम ने भूस्खलन की वजह से 20 लोगों के मारे जाने की पुष्टि की है.

पिछले कुछ दिनों से मणिपुर में लगातार बारिश हो रही है. राज्य की सभी प्रमुख नदियां ख़तरे के निशान से ऊपर बह रही हैं.

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