चरमपंथियों के संदेह में मुठभेड़, दो की मौत

  • 5 अगस्त 2015
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भारत प्रशासित कश्मीर में सेना के दो गश्ती दलों के बीच ग़लतफ़हमी की वजह से हुई मुठभेड़ में कम से कम दो भारतीय जवानों की मौत हो गई है.

बताया जा रहा है कि दक्षिणी कश्मीर के त्राल शहर के पास इन दोनों दलों ने एक दूसरे को चरमपंथी समझकर गोलियां चलानी शुरू कर दीं जिससे ये घटना हुई.

त्राल शहर चरमपंथ से बुरी तरह से प्रभावित है और एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक यहां कई पढ़े लिखे नौजवान हाल के दिनों में चरमपंथी समूहों में शामिल हुए हैं.

पुलिस अधिकारी का कहना था, “चरमपंथियों ने हाल ही में कुछ वीडियो पोस्ट किए थे जिनमें वे सेना की वर्दी में दिख रहे थे. यही वजह है कि सेना की गश्ती टुकड़ी भ्रम में पड़ गई और एक दूसरे पर हमले कर दिए.”

इस बीच, भारत प्रशासित कश्मीर में पुलिस ने चरमपंथियों से संबंध रखने के आरोप में एक प्रवासी कश्मीरी डॉक्टर को गिरफ़्तार किया है.

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मंगलवार को पुलिस ने चरमपंथियों के ख़िलाफ़ एक व्यापक अभियान चलाया. ख़ुफ़िया विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक डॉक्टर की गिरफ़्तारी से चरमपंथियों की तमाम गतिविधियों की जानकारी मिली है.

डॉक्टर शाहिद अहमद बाबा को रविवार को उनके रिश्तेदारों के साथ श्रीनगर में उस वक्त गिरफ़्तार किया गया था जब वो श्रीनगर हवाई अड्डे की ओर जा रहे थे.

बड़गाम ज़िले के रहने वाले बाबा फ़िलहाल ब्रिटेन में स्थाई रूप से रह रहे हैं. हालांकि पुलिस का कहना है कि बाबा ब्रिटेन का स्थाई निवासी नहीं है बल्कि वो वहां सिर्फ़ काम कर रहा था और उसके पास वर्क परमिट भर है.

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