'पोर्न बैन' के बाद अब हैकर्स की चुनौती

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केरल पुलिस की साइबर विंग उन हैकर्स को नाकाम करने के लिए मुस्तैद हो गई है जो सोशल मीडिया के ज़रिए ये संदेश भेज रहे हैं कि प्रतिबंधित वेबसाइट्स को भी डाउनलोड किया जा सकता है.

केरल पुलिस की साइबर विंग इन हैकर्स को मात देने की एक विस्तृत योजना बना रही है.

अभियान

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Image caption केरल पुलिस ने फेसबुक पर एक अभियान की शुरुआत भी की है

साइबर विंग के सहायक आयुक्त विनय कुमार ने बीबीसी को बताया, "इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स की मदद से हम एक ऑपरेशन शुरू करने वाले हैं. इसके तहत हम प्रतिबंधित साइट्स को किसी भी तरह जनता तक नहीं पहुंचने देंगे. प्रॉक्सी एड्रेस के ज़रिए किसी वेबसाइट तक पहुंचना सबसे सरल और लोकप्रिय तरीका है. लेकिन हम अभी अपनी कार्यप्रणाली पूरी तरह नहीं बता सकते."

उन्होंने कहा कि अगर पुलिस का साइबर दल किसी बात को लेकर उलझ जाता है तो वह साइबर विशेषज्ञों की सलाह लेगा ताकि प्रतिबंधित साइट्स तक किसी भी ज़रिए या तकनीक से ना पहुंचा जा सके.

राज्य पुलिस ने फेसबुक पेज 'स्टेट पुलिस चीफ़' पर भी एक अभियान की शुरुआत की है ताकि साइबर वर्ल्ड में ऐसे ग़ैरक़ानूनी कामों को रोका जा सके.

हैकर्स के टिप्स

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Image caption हैकर्स के टिप्स को भी मात देने की योजना बना रही है केरल पुलिस

दरअसल, 857 पोर्न साइट्स को प्रतिबंधित करने के सरकार के फैसले के बाद हैकर्स ने सोशल मीडिया के ज़रिए इन साइट्स तक पहुंचने के टिप्स भेजने शुरू कर दिए थे.

प्रॉक्सी वेब एड्रेस इन टिप्स की सूची में सबसे ऊपर था.

फिर व्हाट्स ऐप और फेसबुक के ज़रिए ये संदेश फैलाए गए कि टॉरेंट के ज़रिए वेबसाइट्स डाउनलोड करने पर इस प्रतिबंध का कोई असर नहीं पड़ेगा.

इसके अलावा ये भी बताया गया कि इंटरनेट प्रोवाइडर सर्विसेज़ जो वेबसाइट्स ब्लॉक कर रही हैं, उन तक वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क तकनीक के ज़रिए पहुंचा जा सकता है.

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