ललित मोदी के ख़िलाफ ग़ैर ज़मानती वारंट

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मुंबई की एक अदालत ने आईपीएल के पूर्व कमिश्नर के ख़िलाफ़ मनी लॉन्डरिंग के मामले में ग़ैर-ज़मानती वारंट जारी किया है.

पिछले सप्ताह प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कोर्ट में मोदी के ख़िलाफ ग़ैर-ज़मानती वारंट दिए जाने के लिए अर्ज़ी दी थी.

ईडी का कहना था कि ललित मोदी को कई समन भेजे गए लेकिन उन्होंने किसी का भी जवाब नहीं दिया.

जिसके बाद मंगलवार को कोर्ट ने निदेशालय से पूछा था कि एजेंसी मोदी को क्यों नहीं गिरफ़्तार कर रही और क्या जांच के दौरान वारंट जारी किया जा सकता है.

जिसके जवाब में ईडी के वकील हितेन वेनगांवकर ने कहा कि अभियुक्त भारत में मौजूद नहीं है इसलिए वारंट जारी किया जाना चाहिए.

पिछले महीने कोर्ट ने सिंगापुर और मॉरिशस को लेटर्स रोगेटरी जारी कर इस मामले में मदद करने की अपील की थी.

2008 के आईपीएल मैच के प्रसारण अधिकारों के लिए वर्ल्ड स्पोर्ट्स ग्रुप और मल्टी स्क्रीन मीडिया के बीच हुए 425 करोड़ रुपयों की डील में कथित गैर व्यवहार के मामले में बीसीसीआई द्वारा 2010 में दायर शिकायत की जाँच प्रवर्तन निदेशालय करा रहा है.

2010 में बीसीसीआई ने ललित मोदी के ख़िलाफ़ केस दर्ज कराया था. इसके बाद ईडी ने 2009 में मोदी के ख़िलाफ़ फ़ेमा के तहत जांच शुरू की थी.

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