'केजरीवाल के लिए छोटी पड़ रही है दिल्ली'

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इस साल मई में दिल्ली के शासन की बागडोर संभालने वाली आम आदमी पार्टी की सरकार मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में कुछ ही महीनों में 22 करोड़ रूपए से ज्यादा रकम विज्ञापनों पर ख़र्च कर चुकी है.

ज़्यादातर रकम शहर में पोस्टर लगाने और टीवी-रेडियो पर सरकार के प्रचार-प्रसार में ख़र्च किए गए हैं. दिल्ली सरकार के इस आक्रामक प्रचार के खिलाफ विपक्षी भारतीय जनता पार्टी भी पोस्टर युद्ध में कूद पड़ी है.

टीवी-रेडियो पर चल रहे विज्ञापन दिल्ली की सरकार की उपलब्धियों का बखान तो करते ही है, साथ ही आम आदमी पार्टी के राजनीतिक विरोधियों पर भी निशाना साधते हैं.

कोर्ट में हलफ़नामा

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दिल्ली की सरकार ने हाईकोर्ट में दायर अपने हलफनामे में कहा है कि प्रचार-प्रसार के लिए 523 करोड़ रुपए के बजट में से उसने सिर्फ 22 करोड़ 33 लाख रुपए ही खर्च किए हैं.

अपनी उपलब्धियों को बयान करते कई चौक-चौराहों और बस स्टॉप पर दिल्ली सरकार के पोस्टर उनके राजनीतिक विरोधियों को नागवार लग रहे हैं.

भारतीय जनता पार्टी भी इस प्रचार युद्ध में पोस्टरों के माध्यम से कूद पड़ी है. वहीं कांग्रेस ने इसके खिलाफ अदालत का दरवाज़ा यह कहते हुए खटखटाया कि यह सबकुछ दरअसल मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का महिमामंडन ही है.

चुनावी वादा

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दिल्ली भाजपा प्रवक्ता राजीव बब्बर ने बीबीसी से कहा कि आम आदमी पार्टी ने चुनाव से पहले वादा किया था कि वो सीधे अपने कार्यकर्ताओं के सहारे लोगों के बीच जाएगी.

बब्बर कहते हैं, "पार्टी का वादा क्या हो गया? सारे कार्यकर्ता कहाँ चले गए? अगर दिल्ली की सरकार को अपने काम पर इतना विश्वास है तो फिर विज्ञापन में इतने पैसे झोंकने की ज़रूरत क्यों पड़ी?"

भाजपा से तुलना

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दिल्ली सरकार के प्रचार का समर्थन करते हुए आम आदमी पार्टी के नेता आशुतोष ने भाजपा पर ही निशाना साधा और कहा कि उनकी पार्टी भारतीय जनता पार्टी की तुलना में प्रचार पर कुछ भी खर्च नहीं कर रही है.

वो कहते हैं कि स्वच्छ भारत अभियान और भाजपा के चुनावी प्रचार में इतना पैसा खर्च हुआ है जिसका कोई हिसाब पार्टी ने जनता के सामने नहीं दिया है.

हालांकि वरिष्ठ पत्रकार श्रवण गर्ग का मानना है कि आम आदमी पार्टी सिर्फ नरेंद्र मोदी और भाजपा से लोहा लेने की अपनी रणनीति पर ही काम कर रही है.

उनके अनुसार यह विज्ञापन भाजपा और ख़ास तौर पर नरेंद्र मोदी को चुनौती देते रहने के लिए है.

राजनीतिक प्रसार

श्रवण गर्ग मानते हैं कि आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल को दिल्ली राजनीतिक रूप से छोटी पड़ रही है. इसलिए वो भारत की राजनीति में पैर फैला रहे हैं.

गर्ग कहते हैं, "कोई दूसरी पार्टी इस वक़्त भाजपा को चुनौती नहीं दे पा रही है, सिवाए अरविंद केजरीवाल के."

आम आदमी पार्टी के हलफनामे की अगर बात की जाए तो अरविंद केजरीवाल की सरकार अपने प्रचार पर हर महीने आठ करोड़ रुपए खर्च कर रही है.

मज़ेदार बात यह है कि दिल्ली सरकार के पिछले बजट में प्रचार पर सिर्फ 20 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया था.

लेकिन इस साल के बजट में 523 करोड़ रुपए से भी ज़्यादा रखा गया है. और यह सब कुछ सिर्फ एक साल में खर्च किया जाना है.

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