'डायन हत्या' की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में

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झारखंड में कथित डायन हत्या और प्रताड़ना के मामलों की सुनवाई के लिए सरकार ने फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का फैसला किया है.

राजधानी रांची के एक गांव में पिछले शनिवार को डायन होने के आरोप में पांच आदिवासी महिलाओं की हत्या के बाद राज्य के मुख्य सचिव राजीव गौबा ने उच्च स्तरीय बैठक कर हालात की समीक्षा की है.

उनका कहना है कि पिछले तीन वर्षों में ऐसे सभी मामलों के शीघ्र निष्पादन के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन होगा और इसके लिए हाई कोर्ट से अनुरोध किया जाएगा.

ढाई साल के दौरान राज्य में 124 लोगों की हत्या डायन-बिसाही के नाम पर हुई है.

विशेष लोक अभियोजक

मुख्य सचिव ने कहा है कि लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे के लिए विशेष लोक अभियोजक (स्पेशल पब्लिक प्रोसीक्यूटर) नामित किया जाएगा.

इसके साथ ही अब तक जिन मामलों में जांच जारी है, उसे एक महीने के अंदर पूरा करने कहा गया है.

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Image caption मुख्य सचिव राजीव गौबा

इसके अलावा गृह विभाग इन मामलों की विशेष मॉनीटरिंग के लिए नोडल पदाधिकारी नामित करेगा जो पुलिस विभाग से अपडेट लेकर मुख्य सचिव कार्यालय को अवगत कराएंगे.

इसके अलावा डायन-बिसाही के माामलों में रोकथाम के लिए विभिन्न विभागों को जागरुकता कार्यक्रम चलाने को कहा गया है.

27 गिरफ्तार

रांची जिले के मांडर थाना क्षेत्र के मरई टोली गांव में पांच महिलाओं की हत्या के सिलसिले में अब तक 27 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.

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रांची के डीआइजी अरुण कुमार ने बताया है कि पुलिस ने इस मामले में खोज जांच की है.

मुख्य सचिव ने इस मामले में एक महीने के अंदर चार्जशीट दाखिल करने के निर्देश दिए हैं. राज्य के पुलिस महानिदेशक डीके पांडेय ने अब तक की कार्रवाई से सरकार को अवगत कराया है.

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