असीमानंद मामले में पाकिस्तान की आपत्ति

  • 14 अगस्त 2015
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पाकिस्तान ने समझौता एक्सप्रेस में हुए धमाकों के मामले में एक अभियुक्त स्वामी असीमानंद की ज़मानत याचिका को चुनौती न देने के भारतीय जाँच एजेंसी एनआईए के फ़ैसले पर कड़ी आपत्ति जताई है.

वर्ष 2007 में हुए धमाके में 68 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें पाकिस्तान के 42 लोग भी थे.

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि भारत के उप उच्चायुक्त जेपी सिंह को बुलाकर आपत्तियों से अवगत करा दिया गया है.

विदेश मंत्रालय ने कहा है- भारत के उप उच्चायुक्त जेपी सिंह ने महानिदेशक (एसए एंड सार्क) से मुलाक़ात की और एनआईए के फ़ैसले पर अपना ऐतराज़ जताया. पाकिस्तान की सरकार को आतंकवाद से जुड़े और ख़ासकर पाकिस्तानी नागरिकों की मौत के मामले के निपटारे में कोर्ट की कार्यक्षमता पर गंभीर संदेह है.

आपत्ति

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पाकिस्तान ने कहा है कि उसे भारत से उम्मीद है कि वो समझौता एक्सप्रेस में हुई आतंकवाद की घटना में शामिल सभी लोगों पर क़ानूनी कार्रवाई करेगा, जिसमें पाकिस्तान के 42 नागरिक भी मारे गए थे.

एनआईए ने पिछले साल स्वामी असीमानंद को दी गई सशर्त ज़मानत को चुनौती न देने का फ़ैसला किया था.

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने लोकसभा को सूचित किया था कि एनआईए को कोई आधार नहीं मिला है कि वो इसे चुनौती दे.

फरवरी 2007 में भारत और पाकिस्तान को रेल लिंक के ज़रिए जोड़ने वाली समझौता एक्सप्रेस में बम धमाके हुए थे.

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