संसद में हंगामे पर आमने सामने कांग्रेस-भाजपा

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मॉनसून सत्र के दौरान संसद न चलने देने के लिए सरकार और विपक्ष ने एक दूसरे को दोषी ठहराया है.

संसद का लगभग पूरा मॉनसून सत्र ललितगेट के मुद्दे पर हंगामे की भेंट चढ़ गया.

कांग्रेस आईपीएल के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी की मदद करने के आरोप में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का इस्तीफा मांग रही है.

सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा, "पहले इस्तीफा, फिर चर्चा. उन्होंने इस देश को आगे नहीं बढ़ने दिया. करोड़ों का नुक़सान हुआ. हर जनप्रतिनिधि का नुक़सान हुआ, मंत्रालयों का नुक़सान हुआ. और पूरे देश का नुक़सान हुआ."

उन्होंने कांग्रेस पर देशहित को पीछे रखकर नेहरू-गांधी परिवार के हितों को आगे रखने का आरोप लगाया है.

उन्होंने जीएसटी समेत कई बिलों का हवाला दिया जो संसद में पास नहीं हो पाए.

उधर, कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा, "मॉनसून सत्र ने सत्ताधारी पार्टी को बेनक़ाब कर दिया है."

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गुलाम नबी आज़ाद ने कहा कि आर्थिक विकास सिर्फ जीएसटी बिल नहीं है.

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