राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग का नेस्ले को नोटिस

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राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने मैगी नूडल्स की निर्माता कंपनी नेस्ले से 640 करोड़ रुपए हर्जाना मांगने की केंद्र सरकार की याचिका पर नेस्ले को नोटिस दिया है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक केंद्र सरकार की एनसीडीआरसी ने नेस्ले से अनुचित व्यापार व्यवहार और उपभोक्ताओं को भ्रमित करने के लिए हर्जाना मांगा है.

सरकार ने भारतीय उपभोक्ताओं की ओर से शिकायत दायर की है.

पिछले साल उत्तर प्रदेश के बाराबंकी ज़िले में लिए गए 'मैगी नूडल्स' के नमूने में सीसे की मात्रा तय सीमा से ज्यादा पाए जाने के बाद इस साल मई-जून में देश के कई राज्यों में इसके नमूने लिए गए थे.

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खाद्य उत्पादों की नियामक संस्था एफ़एसएसएआई ने पांच जून को देश भर में मैगी के उत्पादन, बिक्री और वितरण पर रोक लगाने के आदेश दिए थे.

एफएसएसएआई ने कहा था कि स्वाद बढ़ाने वाले एमएसजी को लेकर भी नेस्ले ने नियमों का उल्लंघन किया था और कंपनी को आदेश दिया था कि वो अनुपालना रिपोर्ट जमा करें.

बीते सप्ताह बॉम्बे हाईकोर्ट ने कुछ शर्तों के साथ मैगी से प्रतिबंध हटा दिया था.

हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि नेस्ले इंडिया की मैगी के हर वेरिएंट के हर एक बैच के नमूने की जाँच की जाए.

कोर्ट ने कहा है कि जाँच में सही पाए जाने पर मैगी का उत्पादन और बिक्री हो सकेगी.

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