एफ़टीआईआई में टकराव बढ़ा, कैम्पस में पुलिस

  • 18 अगस्त 2015
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भारतीय फिल्म और टेलीविज़न संस्थान (एफटीआईआई) के छात्रों और प्रशासन के बीच टकराव सोमवार रात एक नए मोड़ पर पहुंच गया.

मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर एक ओर जहाँ छात्रों ने निदेशक प्रशांत पाठराबे के कार्यालय का घेराव किया, वहीं प्रशासन ने पुलिस को कैम्पस में बुलाया.

छात्रों के मुताबिक़ पुलिस ने उनकी पिटाई की. सोमवार देर रात तक यह टकराव जारी था. अंत में निदेशक ने कहा कि वे मंगलवार को सूचना और प्रसारण मंत्रालय के संयुक्त सचिव से बात करेंगे. तब तक मूल्यांकन की प्रक्रिया स्थगित की जाएगी.

अभिनेता गजेंद्र चौहान को संस्था का चेयरमैन बनाए जाने के ख़िलाफ़ एफटीआईआई के छात्र 68 दिनों से हड़ताल पर रहे है.

इस हड़ताल के जवाब में 2008 बैच के छात्रों का मूल्यांकन कर, उन्हें संस्था से बाहर निकालने का आदेश, एफटीआईआई के निदेशक प्रशांत पाठराबे को दिल्ली से सोमवार को मिला.

नोटिस

गौरतलब है कि पिछले सप्ताह मूल्यांकन का नोटिस छात्रों को दिया गया था, जिसे छात्रों ने नकार दिया था. अध्यापकों ने भी उसमें भाग लेने से मना किया था. सोमवार को यह प्रक्रिया फिर से शुरू की गई.

इससे क्षुब्ध छात्र दोपहर को निदेशक के कार्यालय गए और उनसे जवाब मांगा. लेकिन जब निदेशक ने कोई उत्तर नहीं दिया, तब छात्रों ने उन्हें कार्यालय से बाहर जाने से रोक दिया.

इसके बाद रात 10 बजे संस्थान के रजिस्ट्रार ने पुलिस बुला ली. मीडिया को भी वहाँ आने से रोक दिया गया था. बाद में निदेशक पाठराबे ने अपने कार्यालय के बाहर पुलिस की उपस्थिति में छात्रों से बातचीत की.

छात्रों ने रात में आनन-फानन में प्रेस कॉन्फ़्रेंस करते हुए कहा कि पुलिस ने छात्रों का गला पकड़कर, लाठी से मारते हुए, धक्का-मुक्की करते हुए बाहर निकालने का प्रयास किया. इसमें निदेशक के कार्यालय का भी कुछ नुकसान हुआ.

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